मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

पटना [जेएनएन]।बिहार में बाढ़ का पानी कम होते ही तबाही की तस्वीर सामने आने लगी है। नदियों की उफान में आधारभूत संरचनाओं का नुकसान अबतक छुपा हुआ था। दुर्गम इलाकों की बर्बादी नहीं दिख रही थी। कई क्षेत्रों में सेना के जवानों के पहुंचने में भी करीब हफ्ते भर का समय लग गया। सरकार को जब हालात की गंभीरता का अहसास हुआ तो परत-दर-परत सचाई आती गई और डूबकर मरनेवालों की संख्या चार सौ के पार पहुंच गई, जबकि पहले दिन आपदा प्रबंधन विभाग ने मृतकों की संख्या सिर्फ 41 बताई थी।
राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ राज्य सरकार बर्बादी के आंकड़े जुटाने में भी व्यस्त है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 अगस्त को पीडि़तों का हाल जानने के लिए बिहार आने वाले हैं। तीन दिनों से मुख्यमंत्री भी प्रभावित इलाकों के दौरे में व्यस्त हैं।
पूर्वी बिहार, कोसी और सीमांचल की नदियों में पानी लगातार कम हो रहा है। प्रभावित इलाकों से भी पानी निकल रहा है। विस्थापित लौटने लगे हैं। अररिया जिले में मृतकों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। भागलपुर में गंगा का जलस्तर प्रति तीन घंटे पर एक सेंटीमीटर कम हो रहा है। सुपौल में कोसी पस्त पड़ रही है। निर्मली और छातापुर में स्थिति सामान्य है। मरौना के कुछ हिस्से में परेशानी है। नदी में जलस्तर गिरने के साथ ही गांव में कटाव शुरु हो गया है। मधेपुरा, सहरसा में कोसी व अन्य सहायक नदियों का पानी तेजी से कम हो रहा है।
किशनगंज में टेढ़ागाछ को छोड़कर अन्य प्रखंडों में सड़क संपर्क बहाल हो चुका है। बाढ़ की स्थिति सामान्य होने लगी है। मनिहारी एवं अमदाबाद में सेना और एनडीआरएफ की टीम बचाव में जुटी है। सुधानी-तेलता रेल ब्रिज की मरम्मत की जा रही है। क्षतिग्रस्त सड़कों को फिलहाल कामचलाऊ बनाया जा रहा है। खगडिय़ा में कोसी अभी भी डेंजर जोन से ऊपर है, लेकिन पानी घट रहा है। गंगा भी नीचे आ रही है। बागमती घट रही है। बूढ़ी गंडक स्थिर है।
मुजफ्फरपुर की स्थिति अभी भी गंभीर
नदियों के ठंडे हो रहे तेवर को बारिश ने फिर बढ़ा दिया है। उत्तर बिहार में गुरुवार को नदियों का जलस्तर फिर बढऩे लगा है। ज्यादातर नदियां खतरे के निशान से नीचे है। बूढ़ी गंडक में उफान से मुजफ्फरपुर जिले की स्थिति गंभीर बनी हुई है। समस्तीपुर शहर पर भी खतरा बढ़ गया है। अन्य जिलों में हालात सामान्य है। 

मुजफ्फरपुर की कई निचली कालोनियों में अभी भी चार-पांच फीट पानी बह रहा है। मुशहरी प्रखंड क्षेत्र की स्थिति भयावह होती जा रही है। पूसा रोड पर पानी का तेज बहाव जारी है। नरौली, बिंदा, जलालपुर, सलहा, बैकठपुर, माधवपुर एवं द्वारिका नगर में पानी है।

बूढ़ी गंडक में वृद्धि जारी है। इससे समस्तीपुर शहर पर खतरा बढ़ गया है। तटबंधों पर दबाव है। समस्तीपुर-मुक्तापुर खंड पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है।

बिहार में बाढ़: फैक्ट फाइल
प्रभावित जिले : 18
कुल मौत : 405
प्रभावित प्रखंड : 185
पंचायत : 2313
आबादी : 1.58 करोड़
निष्क्रमित आबादी : 7.76 लाख
राहत शिविर : 696
शरणार्थी : 1.67 लाख
सामुदायिक रसोई : 1646

Posted By: Amit Alok

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