विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पढ़ें- स्मार्ट फोन का ऐसा दुरुपयोग, मौत से लड़ रही चार साल की बच्ची

By Amit AlokEdited By:
Published: Wed, 23 Dec 2015 04:54 PM (IST)Updated: Thu, 24 Dec 2015 01:46 PM (IST)

राजधानी पटना में कल बलात्कार की एक घटना से सबके होश उड़ गए। किशोर ने बताया कि उसके दोस्त ने ...और पढ़ें

News Article Hero Image

पटना। चार साल की बच्ची से 13 साल के किशोर ने दुष्कर्म किया। बच्ची की चीख सुनकर लोग पहुंचे। किशोर स्कूल ड्रेस में था। लोगों ने उसे बहुत पीटा। बाद में पुलिस ने उसे पकड़कर बाल सुधार गृह भेज दिया।

खून से लथपथ बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया है। किशोर ने पूछताछ में बताया कि कुछ दिन पूर्व वह जू गया था। वहां लड़के-लड़कियों की मस्ती देखी। फिर उसके दोस्त ने मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाई। ये घटनाएं उसके मन में घर कर गईं। बुधवार को उसने बच्ची को टीवी दिखाने के लिए कमरे में ले गया और दुष्कर्म किया।

सरकारी स्कूल की कक्षा सात में पढ़ता है आरोपी

राजधानी के एसके पुरी थाना क्षेत्र में यह घटना हुई। पीडि़ता की मां के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसके पुरी थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में लिट्टी दुकानदार का 13 वर्षीय बेटा सरकारी स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ता है।

उसी मकान में बच्ची के घरवाले भी रहते हैं। सुबह नौ बजे उस मकान में रहने वाले सभी आदमी काम पर चले गए। महिलाएं अपनी दिनचर्या में व्यस्त हो गईं। किशोर स्कूल जाने के लिए घर से निकला तो उसकी नजर बच्ची पर पड़ी।

वह अकेले बरामदे में खेल रही थी। किशोर उसे टीवी दिखाने के बहाने कमरे में ले गया और दुष्कर्म किया। जख्मी बच्ची जोर से चीखने-चिल्लाने लगी। तब जाकर लोगों को घटना की जानकारी हुई।

अश्लील वीडियो देखकर कुकृत्य

आरोपी किशोर ने पुलिस को बताया कि वीडियो देखकर उसने कुकृत्य किया। वह कुछ दिन पहले दोस्तों के साथ संजय गांधी जैविक उद्यान घूमने गया था, जहां कई प्रेमी जोड़े मौज-मस्ती कर रहे थे। तभी उसके एक दोस्त ने मोबाइल में एक अश्लील वीडियो दिखाई, जो उसके दिल-दिमाग पर गहरा असर कर गया।

जघन्य सामाजिक हादसा

यह सिंपल अपराध नहीं हादसा है। एक जघन्य सामाजिक हादसा। ऐसी खबरें सुनकर ऐसा लगता है कि जानवरों जैसा यह आचरण न जाने कहां जाकर थमेगा। यह हमारे मूल्यों के क्षरण और सामाजिक बंधन के कमजोर होने का भी प्रतीक है।

ये ऐसी समस्या नहीं है, जो सिर्फ कानून या पुलिसिंग के भरोसे हल की जा सके। इसके लिए बहुत जरूरी है कि पूरा समाज एक साथ आए और समस्या के कारणों को समझे। 14 साल का किशोर दङ्क्षरदे जैसा आचरण करता है, तो समाज को सोचना चाहिए कि आखिरकार ऐसा क्या हो रहा है कि स्कूल जाने वाला एक किशोर दङ्क्षरदा बन जा रहा।

इनका कहना है...

आरोपी किशोर को पकड़कर बाल सुधार गृह भेज दिया गया। पुलिस की निगरानी में पीडि़त बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष मासूम का बयान दर्ज कराया जाएगा।

- मनु महाराज, एसएसपी