पटना [जेएनएन]। नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने ट्वीट कर कहा कि मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी मेरे बाउंसर और गुगली का सामना नहीं कर सकते हैं। इसलिए जब सदन में मैं बोलने के लिए उठा तो नीतीश कुमार और सुशील मोदी दोनों सदनसे बाहर चले गए। यह एक शर्मनाक बात है कि वे एक 28 साल के विधायक का सामना नहीं कर सकते हैं। नीतीश सरकार द्वारा पेश किया गया यह बजट पूरी तरह आईवाश है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने गरीब, दलित एवं अल्पसंख्यक विरोधी बताकर बजट को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि बजट में डबल इंजन की सरकार की झलक नहीं दिख रही है। बजट में अधिकांश उन्हीं योजनाओं का जिक्र किया गया है, जिन्हें महागठबंधन सरकार के दौरान शुरू किया गया था। जुलाई के बाद सरकार एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी है।
तेजस्वी ने कहा कि राज्य में कहीं कोई काम नहीं हो रहा है। जब हम सरकार में थे तो शराबबंदी हुई थी। अभी तो सत्तारूढ़ दल के नेता शराब पीकर मासूम बच्चों को कुचल रहे हैं। देश की सीमा पर शहीद होने वाले जवान के गांव मंत्री नहीं जाते हैं। उल्टे शर्मनाक बयान देते हैं कि क्या मेरे जाने से शहीद जीवित हो जाएगा।
तेजस्वी ने कहा कि बजट में मंदिर परिसर की घेराबंदी की बात कही गई है।
राज्य में जब महागठबंधन की सरकार थी तो भाजपा के लोग श्मशान की घेराबंदी की बात करते थे, लेकिन जब उनकी सरकार आई तो खुद भूल गए। अब श्मशान का मुद्दा कहां गायब हो गया, भाजपा को इस पर भी प्रकाश डालना चाहिए था। मंदिर की घेराबंदी के पहले मैं श्मशान की स्थिति जानना चाहता हूं।
तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि केंद्र सरकार शहरों को स्मार्ट बना रही है तो वह गांवों को स्मार्ट बना देंगे। उन्हें बताना चाहिए कि पिछले 12 वर्षों से वह इस राज्य के मुख्यमंत्री हैं। अब तक कितने गांवों को स्मार्ट बनाया।
तेजस्वी ने उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी पर भी हमला बोला। कहा कि राज्य का खजाना खाली करके बजट पेश किया जा रहा है। तेजस्वी ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि नोटबंदी से बिहार को काफी नुकसान हुआ है। सीएम नीतीश ने नोटबंदी की प्रशंसा की थी। नोटबंदी देश का सबसे बड़ा घोटाला है।

Posted By: Ravi Ranjan