पटना, राज्य ब्यूरो। कानून और संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद सिंह ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय को लेकर जवाहर लाल नेहरू ने जो गलती की उसे सुधारने के लिए नरेंद्र मोदी को आना पड़ा। रविशंकर प्रसाद रविवार को प्रदेश भाजपा की ओर से एसकेएम हॉल में आयोजित जनजागरण सभा को संबोधित कर रहे थे। 

रविशंकर ने कहा कि आजादी के पूर्व तकरीबन 660 रियासतों को देश में मिलाने की जिम्मेदारी सरदार पटेल ने ली। जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय की जिम्मेदारी पंडित नेहरू ने अपने पास रखी। लेकिन, नेहरू ने जो गलती की देश आज तक उसका खामियाजा भोग रहा है। नेहरू की जो सोच थी वह सोच ही गलत थी। जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए धारा 370 और 35 ए देने का नुकसान यह हुआ कि देश का कोई कानून जम्मू-कश्मीर में प्रभावी नहीं होता। पाकिस्तान से शरणार्थी पंजाब के रास्ते भारत में आकर बस गए उनमें से मनमोहन सिंह जैसे लोग प्रधानमंत्री बना दिए गए।

उन्‍हाेंने कहा कि धारा 370 का मतलब है 42 हजार लोगों की मौत। कश्मीरी पंडित को कश्मीर से बाहर होना। उन्होंने कहा कि धारा 370 हटने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर में 166 कानून लागू किए जा रहे हैं। यह कानून पूरे देश में तो लागू हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर में यह प्रभावी नहीं थे। 

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि 370 हटने के बाद कश्मीर बदल रहा है। आज 29 हजार कश्मीरी जवान सेना में भर्ती होने आए हैं। पहले 15 अगस्त तो कश्मीर में पाकिस्तान की झंडे दिखाई पड़ते थे। इस बार कश्मीर में एक भी छत पर पाकिस्तान का झंडा नहीं नजर आया। यह मोदी की ताकत है।

रविशंकर ने दावा किया कि अब कश्मीर को असल में सोने की चिडिय़ा बनाया जाएगा। उन्होंने पाकिस्तान पर हमलावर होते हुए कहा कि पाकिस्तान आज रो रहा है। दाने-दाने को मोहताज हो गया है। सुनने में यह आया है कि अपनी कंगाली दूर करने के लिए आज अपने गधे तक बेच रहा है।

 

Posted By: Rajesh Thakur

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