पटना, राज्य ब्यूरो। लोजपा सुप्रीमो व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार को कहा कि इस बार के आम चुनाव में विपक्ष पस्त हो गया। लोगों ने साफ-साफ इस पर सोचा कि देश को मजबूत प्रधानमंत्री चाहिए या फिर कमजोर? बिहार के वोटरों के बीच नीतीश कुमार की बड़ी भूमिका रही और एनडीए को इसका फायदा मिल रहा है। वर्ष 2014 के आम चुनाव में एनडीए के पक्ष में लहर थी और इस बार हमारे पक्ष में सुनामी की स्थिति है। वे लोजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।

रामविलास ने कहा कि पूरी तरह अंदर का करेंट दिखा है एनडीए के पक्ष में। उन्होंने कहा कि मैैंने 83 चुनावी सभाएं कीं। सभी जगहों पर एनडीए एकजुट दिखा। वहीं महागठबंधन की स्थिति यह थी कि उनके बीच कई जगहों पर विश्वासघात नजर आया। किसी भी बूथ पर महागठबंधन के लोगों का नहीं चला। महागठबंधन की ओर से बेमतलब यह प्रचार किया जा रहा था कि आरक्षण को खत्म किए जाने की कोशिश की जा रही है। महागठबंधन में जो दल शामिल हैैं उन लोगों ने बैकवर्ड और फारवर्ड के नाम पर राजनीति की।

पासवान ने कहा कि दलित की बात करने वाले महागठबंधन के नेताओं को यह पता होना चाहिए कि दो बार देश में दलित राष्ट्रपति बने और इसमें कांग्रेस का कोई योगदान नहीं है। नाखून काटकर शहीद होने वाले को इस बार पता चल जाएगा। उन्होंने कहा कि वोटरों ने देश के हित को ख्याल में रख भी वोट किया है।

लोजपा सुप्रीमो ने कहा कि चुनाव में नीतीश फैक्टर इस तरह से रहा कि इस बार दलित और महादलित जैसी कोई बात नहीं रही। सभी एक साथ एनडीए के पक्ष में थे। अति पिछड़े वर्ग की गोलबंदी भी हमारे पक्ष में रही। उन्होंने कहा कि राजद का आधार वोट भी कुछ हिस्सा विकास को केंद्र में रख हमारे साथ रहा। यही वजह है कि राबड़ी देवी को इतनी मेहनत करनी पड़ रही है। सब लोग डर गए हैैं।  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर टिप्पणी करते हुए रामविलास ने कहा कि कोई मुख्यमंत्री भला यह कैसे कह सकता है कि प्रधानमंत्री को जेल भेज देंगे। यह फेडरल स्ट्रक्चर की भावना के विपरीत है।

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