मोकामा में राजेंद्र पुल के समानांतर नए रेल पुल से जल्द दौड़ेंगी ट्रेनें, प्री-एनआई काम तेज; GM ने लिया जायजा
राजेंद्र पुल के समानांतर बन रहे नए रेल पुल पर प्री-एनआइ कार्यों का निरीक्षण पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक डिम्पी ...और पढ़ें

एनआई कार्यों का निरीक्षण करते जीएम डिंपी गर्ग। सौ-रेलवे
HighLights
महाप्रबंधक ने नए रेल पुल पर प्री-एनआइ कार्यों का निरीक्षण किया।
परियोजना 15.5 किमी लंबी, इसमें 1.9 किमी गंगा पुल शामिल।
बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों की रेल कनेक्टिविटी होगी मजबूत।
जागरण संवाददाता, पटना। राजेंद्र पुल के समानांतर नवनिर्मित नए रेल पुल से परिचालन शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। सोमवार को पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक डिम्पी गर्ग ने नए पुल पर चल रहे प्री-एनआइ कार्यों का निरीक्षण किया।
उन्होंने गढ़हरा-दिनकर ग्राम सिमरिया के बीच चल रहे कट एंड कनेक्शन कार्य की प्रगति देखी। इसके साथ ही समपार संख्या 2 एनबी के पास रिले हट और यार्ड रीमाडलिंग स्थल का भी जायजा लिया।
महाप्रबंधक ने दानापुर और सोनपुर मंडल की टीमों तथा संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों के साथ एनआइ कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्धारित समय में सभी कार्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सोनपुर के डीआरएम अमित सरन, दानापुर के डीआरएम विनोद कुमार समेत मुख्यालय, दोनों मंडलों और इरकान के अधिकारी मौजूद रहे।
15.5 किमी में फैला है नया रेल पुल प्रोजेक्ट
राजेंद्र पुल के समानांतर पटना छोर की तरफ करीब 50 मीटर की दूरी पर नया रेल पुल बनाया गया है। इस पर दोहरी रेल लाइन बिछाई गई है।
करीब 15.5 किमी लंबे प्रोजेक्ट में गंगा नदी पर 1.9 किमी लंबा मुख्य पुल शामिल है। इसमें 17 स्टील स्पैन हैं। इसके अलावा 3.6 किमी रेल वायडक्ट और बड़े पुल बनाए गए हैं।
परियोजना में आठ छोटे पुल, दो रोड ओवरब्रिज और तीन रेल ओवर रेल का भी निर्माण किया गया है। नए पुल के दोनों छोर वर्तमान पुल से जुड़े स्टेशनों से ही कनेक्ट होंगे।
उत्तर की ओर हाथीदह, टाल और रामपुर डुमरा तथा दक्षिण की ओर राजेंद्र पुल और बरौनी स्टेशन से इसका संपर्क रहेगा।
उत्तर बिहार से पूर्वोत्तर तक रेल कनेक्टिविटी होगी मजबूत
नए पुल से रेल परिचालन शुरू होने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के साथ पूर्वोत्तर राज्यों के बीच रेल संपर्क और मजबूत होगा।
इससे यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों के परिचालन को भी गति मिलने की उम्मीद है। माल परिवहन का समय और लागत कम होने से व्यापार, उद्योग और आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही को लाभ मिलेगा।
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