जागरण संवाददाता, पटना: ट्रेन की यात्रा सबसे सुलभ मानी जाती है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में पसेंजर ट्रेनों पर सवार होकर अपने गंतव्य तक जाते हैं। कोरोना संक्रमण के दौरान यात्रियों की संख्या में कमी देखी जा रही है। बावजूद इसके अधिकतर लोग फ्लाइट और बस की अपेक्षा ट्रेन से ही यात्रा करना ठीक समझ रहे हैं। रेलवे ने पसेंजर के लिए कुछ नियम में बदलाव किए हैं। अब रात में ट्रेनों में मोबाइल से तेज आवाज में यात्री बात नहीं कर सकेंगे। रेलवे ने रात में आपस में या मोबाइल पर तेज आवाज में बात करने या फिर गाना सुनने पर प्रतिबंध लगा दिया है। रात 10 बजे के बाद फोकस लाइट को छोड़कर केबिन में अन्य लाइट नहीं जलेगी।

सह यात्रियों को परेशान करना भी पड़ेगा भारी

इसके साथ ही जान-बूझकर अपने सह यात्रियों को परेशान करने वालों से सख्ती से निपटने की चेतावनी भी दी गई है। रात में टिकट चेकिंग स्टाफ, रेल सुरक्षा बल, इलेक्ट्रीशियन, कैटरिंग स्टाफ और मेंटेनेंस स्टाफ को भी निर्देश जारी किया गया है कि वे कार्य निष्पादन के दौरान अनावश्यक रूप से किसी प्रकार का शोरगुल/तेज आवाज न करें। 

  • - रात में आपस में या मोबाइल पर तेज आवाज में बात करने या फिर गाना सुनने पर लगा प्रतिबंध 
  • - रात 10 बजे के बाद फोकस लाइट को छोड़कर केबिन में अन्य लाइट नहीं जलेगी

रात में बातचीत करने पर भी रोक

ट्रेनों में रात को यात्रा के दौरान कई यात्री तेज आवाज में मोबाइल से अपने स्वजनों से बात करते हैं। कई यात्री तेज आवाज में गाना सुनते हैं तो कुछ लाइट जलाकर मैग्जीन पढ़ते हैं। कुछ ऐसे भी यात्री होते हैं, जो आपस में काफी रात तक बातचीत करते रहते हैं। इसके साथ ही ट्रेन में साफ-सफाई करने वाले अथवा पैंट्री कार कर्मचारी पूरी रात इधर से उधर ट्रेन में घूमते रहते हैं। ऐसे यात्रियों के कारण आम यात्री को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

Edited By: Akshay Pandey