यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अयोध्या की तर्ज पर विकसित होगा पुनौरा धाम, रामायण सर्किट का होगा हिस्सा; 143 करोड़ की योजना मंजूर
सीतामढ़ी में माता जानकी की जन्मभूमि पुनौरा धाम को अयोध्या की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यह बिहार में रामायण ...और पढ़ें

HighLights
- 50.50 एकड़ जमीन की जा रही पुनौरा धाम में अधिग्रहित
- 143 करोड़ से अधिक की राशि खर्च होगी परियोजना पर
राज्य ब्यूरो, पटना। सीतामढ़ी में माता जानकी की जन्मभूमि पुनौरा धाम को अयोध्या की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यह बिहार में रामायण सर्किट का हिस्सा होगा। पर्यटन विभाग ने पुनौराधाम के विकास के लिए करीब 143 करोड़ की योजना स्वीकृत की है।
इसमें 50 एकड़ से अधिक भूमि के अधिग्रहण पर 120 करोड़ की राशि खर्च होगी जबकि पर्यटकीय सुविधाओं के लिए 23.66 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई है। जमीन अधिग्रहण के बाद पुनौराधाम में भव्य मंदिर का निर्माण की योजना है, जिसके लिए एजेंसी के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
इन जिलों को भी रामायण सर्किट से जोड़ा जाएगा
पर्यटन विभाग के अनुसार, पुनौरा धाम के अलावा बिहार के बक्सर, दरभंगा, वाल्मीकिनगर, मधुबनी आदि जिलों में रामायण सर्किट से जुड़े स्थलों को भी चिह्नित किया गया है। इसके अंतर्गत सीतामढ़ी के ही पंथपाकर मंदिर परिसर में पर्यटकीय सुविधाओं के विकास पर 23.66 करोड़ की योजना बनाई गई है।
बक्सर में होगा रामरेखा घाट का विकास
बक्सर में रामरेखा घाट के विकास के लिए 13 करोड़ 24 लाख रुपये की योजना को स्वीकृति दी गई है। वाल्मीकिनगर में लव-कुश पार्क का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा के दौरान इसकी घोषणा की थी।
मधुबनी में पर्यटकीय सुविधाओं के लिए खर्च होंगे 31.13 करोड़
मधुबनी में फुलहर स्थान में पर्यटकीय सुविधाओं पर 31.13 करोड़ की राशि खर्च होगी। लोकमान्यता है कि इसकी जगह पर भगवान राम और सीता पहली बार मिले थे। इसके अलावा दरभंगा में अहिल्या स्थान को भी विकसित कर रामायण सर्किट से जोड़ा जाएगा।
पर्यटकों की सुविधा के लिए सीतामढ़ी, बक्सर और रोहतास जैसे जिलों में पर्यटन विभाग बजट होटल भी खोलेगा। इसके लिए 84.27 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। इसका उद्देश्य इन शहरों में आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है।
