पटना, राज्य ब्यूरो। Wheat Procurement in Bihar: बिहार सरकार 20 अप्रैल से गेहूं की खरीद करेगी। यह 15 जुलाई तक चलेगी। पहले 15 अप्रैल से खरीदारी होनी थी। किसानों से 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का भुगतान होगा। सरकारी समर्थन मूल्य पर राज्य में पहली बार 15 अप्रैल से चना और मसूर की खरीदारी भी होनी है, जो एक महीने चलेगी। दोनों दालों का समर्थन मूल्य 5100 रुपये क्विंटल तय किया गया है। सहकारिता विभाग की सचिव वंदना प्रेयषी ने बताया कि कृषि विभाग के पोर्टल से निबंधित किसानों से गेहूं खरीद के लिए 64 सौ पैक्सों एवं व्यापार मंडलों को निर्देश दिया गया है।

राज्‍य खाद्य न‍िगम को बनाया गया है नोडल एजेंसी

खरीद, संग्रहण और उसकी गुणवत्ता की जांच के लिए राज्य खाद्य निगम को नोडल एजेंसी बनाया गया है। दो लाख मीट्रिक टन चना और 3.25 लाख मीट्रिक टन मसूर की खरीद का लक्ष्य रखा है। गेहूं खरीद का सांकेतिक लक्ष्य एक लाख मीट्रिक टन है, लेकिन एजेंसियों तक जितनी मात्रा में गेहूं आएगा, सबकी खरीदारी होगी। किसानों को 48 घंटे के भीतर ही डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।

अधिकतम 150 क्‍वि‍ंटल गेहूं बेच सकते हैं रैयत किसान

रैयत किसान अधिकतम 150 क्विंटल तक गेहूं बेच सकते हैैं। गैर रैयतों के लिए यह सीमा 50 क्विंटल होगी। इसके लिए उन्हें किसान सलाहकार की अनुशंसा लेनी होगी। खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। रिपोर्ट रियल टाइम पोर्टल पर अपलोड होगी।

खरीद एजेंसियों को दिए गए जरूरी निर्देश

सचिव के मुताबिक पैक्स-व्यापार मंडल के अध्यक्ष अपने मोबाइल ऐप से निबंधित किसानों की विवरणी प्राप्त करेंगे और उसके आधार पर किसान की श्रेणी (रैयत, गैर रैयत का वर्गीकरण), खरीद की मात्रा एवं गैर रैयत श्रेणी के किसानों से स्व-घोषणा पत्र का फोटो अपलोड करेंगे। खरीदे गए गेहूं की मात्रा एवं भुगतान के ब्योरे को समय पर अपलोड नहीं करने वाली एजेंसियां ब्लैकलिस्टेड होंगी। उनपर कार्रवाई भी होगी।

इस तरह बढ़ी है कीमत

अन्न : 2020 : 2021

गेहूं : 1925 : 1975  

चना : 4875 : 5100

मसूर : 4800 : 5100

लक्ष्य

पैक्सों को सख्त हिदायत

  • कृषि विभाग से निबंधित सभी किसानों से होगी खरीदारी
  • 48 घंटे के भीतर डीबीटी के जरिए किसानों के खाते में होगा पैसों का भुगतान
  • किसी भी हाल में किसानों का बकाया नहीं रखा जाएगा
  • खरीद प्रक्रिया में व्यापारी और बिचौलिए नहीं होंगे शामिल
  • किसान अपनी पंचायत की एजेंसियों में ही बेच सकते हैं

केंद्रों पर कोरोना प्रोटोकॉल

  • मॉस्क, सैनेटाइजर, साबुन, पेयजल की व्यवस्था और शारीरिक दूरी का पालन जरूरी
  • गेहूं खरीद का प्रचार-प्रसार और बैनर एवं दीवार लेखन अनिवार्य
  • केंद्रों पर जांच अधिकारियों द्वारा वीडियोग्राफी एवं फोटो पोर्टल पर अपलोड करना आवश्यक

किसानों से लिए जाने वाले कागजात

  • फोटो पहचान पत्र/मतदाता पहचान पत्र/पासबुक की छायाप्रति/ड्राइविंग लाइसेंस की छायाप्रति
  • गैर रैयत से फोटो, आधार कार्ड/अन्य मान्यता प्राप्त पहचान पत्र, बैंक पासबुक, किसान द्वारा प्रयुक्त भूमि का रबका/क्षेत्रफल से संबंधित स्वयं का घोषणा पत्र।

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