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पटना में बांटे बिना ही एक्सपायर हो गईं गर्भवती महिलाओं की पोषण किट, सिविल सर्जन ने बैठाई जांच

Published: Thu, 15 Oct 2026 08:30 AM (IST)

पटना के दानापुर-खगौल पीएचसी में गर्भवती महिलाओं के लिए रखी पोषण किट वितरण से पहले ही एक्सपायर हो गईं, जिससे ...और पढ़ें

एक्सपायर हो गईं पोषण किट (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

एक्सपायर हो गईं पोषण किट (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. दानापुर-खगौल पीएचसी में पोषण किट एक्सपायर मिलीं।

  2. वितरण में देरी से किट की वैधता समाप्त हो गई।

  3. सिविल सर्जन ने मामले की जांच के आदेश दिए।

जागरण संवाददाता, पटना। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली पोषण किट दानापुर-खगौल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में एक्सपायर मिली हैं। 

स्थानीय लोगों के अनुसार, एक ब्रांडेड कंपनी की ये किट स्वास्थ्य केंद्र के डिलीवरी कक्ष में रखी थी। समय पर वितरण नहीं होने के कारण इनके इस्तेमाल की अवधि समाप्त होने की बात सामने आई है। मामले को लेकर सिविल सर्जन ने जांच का आदेश दिया है।

उपयोग होने से पहले ही एक्सपायर

गर्भावस्था के दौरान मां और गर्भस्थ शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक आहार महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में लाभार्थियों के लिए उपलब्ध कराई गई पोषण सामग्री का उपयोग होने से पहले ही एक्सपायर हो जाना स्वास्थ्य केंद्र की भंडारण और वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। यदि किट समय रहते पात्र महिलाओं तक पहुंचा दी जातीं, तो उन्हें इसका लाभ मिल सकता था।

पैकेट पर लिखा है ‘केवल स्वास्थ्य विभाग के लिए’

पोषण किट के पैकेट पर स्पष्ट रूप से अंकित है कि यह सामग्री केवल स्वास्थ्य विभाग के लिए है और खुदरा बिक्री के लिए नहीं है। पैकेट पर इसके इस्तेमाल की विधि भी दी गई है। 

ऐसे में किट की आपूर्ति, भंडारण और वितरण से जुड़े अभिलेखों की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि स्वास्थ्य केंद्र को किट कब उपलब्ध कराई गई थीं और उनका वितरण किस समय किया जाना था।

डिलीवरी कक्ष में भंडारण को लेकर भी सवाल

स्थानीय लोगों के अनुसार, पोषण किट पीएचसी के डिलीवरी कक्ष में रखी थीं। हालांकि, इन्हें वहां कब रखा गया और वितरण में देरी क्यों हुई, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सामग्री की वैधता की नियमित जांच और समय पर वितरण सुनिश्चित करना संबंधित प्रबंधन की जिम्मेदारी है। 

मामले में यह भी स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि कितनी किट की वैधता समाप्त हुई, कितनी किट वितरित की गई थीं और एक्सपायर सामग्री को अलग रखने या निस्तारित करने के लिए क्या कदम उठाए गए। इन बिंदुओं की जांच से ही लापरवाही की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

दानापुर-खगौल पीएचसी प्रबंधन से पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी। उन्होंने इसे लापरवाही का मामला बताते हुए कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। - डॉ. योगेन्द्र प्रसाद मंडल, सिविल सर्जन

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