राज्य ब्यूरो, पटना : राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर दो अक्टूबर से जन सुराज पदयात्रा कर रहे हैं। अन्य राजनीतिक दल चुप हैं। लेकिन, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने सवाल किया है कि इस यात्रा के प्रचार-प्रसार पर खर्च के लिए धन कहां से आ रहा है। सिंह ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि प्रचार-प्रसार पर नकदी खर्च हो रही है।

उन्होंने आयकर, ईडी और सीबीआइ की भूमिका पर भी सवाल उठाया है। पूछा है कि ये एजेंसियां पीके के मामले में सुस्त क्यों हैं। जवाब भी स्वयं दिया- भाजपा के एजेंडे पर पदयात्रा हो रही है। धन भी भाजपा उपलब्ध करा रही है। केंद्रीय एजेंसियां भी तो उन्हीं की हैं। इसलिए धन के स्रोत के बारे में नहीं पूछा जा रहा है। लगता है कि ये केंद्रीय एजेंसियां सिर्फ तेजस्वी यादव और लालू यादव पर ही नजर रखती हैं। वहीं प्रशांत किशोर से जब ललन के आरोपों पर सफाई मांगी गई तो उन्होंने कहा कि मैं कोई राजनीतिक बयान नहीं दूंगा। 

बच्चा-बच्चा जानता है नीतीश का विकास

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रशांत किशोर बता रहे हैं कि वे अपनी यात्रा में देखेंगे कि बीते 30-35 वर्षों में राज्य का कितना विकास हुआ है। ललन ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य का कितना विकास हुआ है, यह बच्चा-बच्चा जानता है। इसके लिए राज्य सरकार को प्रशांत किशोर के प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर बताएं कि 30-35 वर्षों में वे कितने दिन बिहार में रहे हैं। वह भला बिहार को क्या समझेंगे।

यूपी के हिस्से का भी विकास देखें अमित शाह

सिंह ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 11 अक्टूबर को लोकनायक जयप्रकाश नारायण के गांव सिताब दियारा जा रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर इस गांव का विकास हुआ है। सिताब दियारा की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि इसका कुछ हिस्सा उत्तर प्रदेश में भी है। अमित शाह को देखना चाहिए कि उत्तर प्रदेश की सरकार ने उस हिस्से का कितना विकास किया।

Edited By: Akshay Pandey

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट