पटना [जेएनएन]। केंद्र सरकार हज यात्रियों को दी जाने वाली सब्सिडी खत्‍म कर दी है। केंद्रीय मंत्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने बताया कि सरकार ने अब हज यात्रियों को सब्सिडी ना देने का फैसला किया है। केंद्र सरकार के इस कदम पर बिहार में सियासत शुरू हो गई है।

जदयू के पूर्व राज्‍यसभा सांसद अली अनवर ने इस फैसले पर कहा कि केंद्र सरकार एक विशेष तबके को दबाने और दूसरे तबके को अपनी ओर आकर्षिक करने के लिए ऐसा कदम उठा रही है। सरकार अल्‍पसंख्‍यकों को दबाने की कोशिश कर रही है।

वोटों के ध्रुवीकरण को भाजपा ले रही फैसले: कादरी

हज सब्सिडी समाप्त किए जाने पर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी अध्यक्ष कौकब कादरी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जब केंद्र में एनडीए की सरकार ने सत्ता संभाली थी तब उसने नारा दिया था कि 'सबका साथ-सबका विकास।' लेकिन सत्ता में आने के बाद वह एक धर्म-विशेष के विकास की बात करने लगी। केवल हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण के लिए एनडीए की सरकार इस तरह के फैसले ले रही है।

कादरी ने एनडीए के घटक दलों के नेताओं यथा रामविलास पासवान, जीतनराम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा सरीखे नेताओं से भी सवाल किया कि केंद्र सरकार द्वारा हज सब्सिडी समाप्त किए जाने पर उनकी क्या प्रतिक्रिया है? कादरी ने कहा कि ये बिहार के ऐसे नेता हैं जो हर चुनाव में मुस्लिम मतदाताओं को रिझाते हैं। उनके पक्ष में बयानबाजी करते हैं। लेकिन हज सब्सिडी समाप्त करने पर इनकी प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण है। क्योंकि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने अपना एजेंडा साफ कर दिया है। जिसमें अल्पसंख्यकों के लिए कहीं कोई जगह नहीं है।

कांग्रेस ने तैयार की थी हज सब्सिडी खत्म करने की पृष्ठभूमि: जदयू

केंद्र सरकार द्वारा हज सब्सिडी खत्म किए जाने पर प्रदेश जदयू के प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक ने मंगलवार को कहा कि यह फैसला केंद्र सरकार का नहीं है बल्कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर मौजूदा सरकार ने महज अमल किया है। वर्ष 2012 में ही यूपीए सरकार ने हज सब्सिडी खत्म को करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर किया था जिस पर सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया था।

उन्होंने कहा कि हज सब्सिडी खत्म करने पर आज कांग्रेस गलत बयानबाजी कर रही है। कांग्रेस के दोहरे रवैये से हैरानी होती है। सबसे पहले यूपीए सरकार ने ही हज पर दी जानेवाली सब्सिडी को खत्म करने के लिए कदम उठाया था। फिर केंद्र सरकार पर कांग्रेस का आरोप लगाना, हास्यास्पद है।

बता दें कि सरकार हर साल करीब सात सौ करोड़ रूपये हज सब्सिडी पर खर्च करती थी। इस फैसले से नये साल में अब 1 लाख 75 हजार लोग बिना सब्सिडी के हज यात्रा पर जाएंगे। बताया जा रहा है कि आजादी के बाद पहली बार हज यात्रियों की सब्सिडी हटाई गई है।

 

Posted By: Ravi Ranjan

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