पटना, राज्य ब्यूरो। बिहार में कोरोना के खिलाफ लड़ाई के साथ-साथ राजनीतिक गतिविधियां भी शुरू हो गई हैं। भाजपा-जदयू की संगठनात्मक गतिविधियां पहले से जारी हैं। केंद्र सरकार के 20 लाख करोड़ के पैकेज के प्रचार में भाजपा पूरी तरह जुट गई है तो जदयू के स्तर से भी संगठनात्मक मजबूती की कोशिश की जा रही है। प्रखंड एवं जिला अध्यक्षों से लेकर विधायकों तक के साथ शीर्ष स्तर पर लगातार बैठकें की जा रही हैं। महागठबंधन भी चुनावी मोड में आ गया है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को संयुक्त विपक्ष की बैठक बुलाई है, जिसमें राजद समेत बिहार के तमाम विपक्षी दल शिरकत करेंगे।

बिहार की राजनीति में आई गरमाहट

दरअसल, बिहार प्रदेश भाजपा के कोर ग्रुप के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का चुनावी विमर्श और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की शुक्रवार को दिल्ली में होने वाली संयुक्त विपक्ष की बैठक ने बिहार की राजनीति को गर्म कर दिया है। बिहार विधानसभा के चुनाव में अब कुछ महीने ही शेष हैं। कोरोना के खिलाफ लड़ाई के साथ-साथ राजनीतिक दलों ने अपने-अपने स्तर से चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। बदले हालात में इस बार नेताओं के दौरे, प्रचार एवं सभाओं से लेकर मतदान के तरीके तक बदले-बदले हो सकते हैं। 

राहत पैकेज से खुश है भाजपा

कोरोना से निपटने के लिए केंद्र सरकार के 20 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा के बाद बिहार में राजग और महागठबंधन के बीच सियासी रस्साकशी तेज होने वाली है। भाजपा ने इसकी शुरुआत भी कर दी है। जेपी नड्डा ने बुधवार को प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को संगठन में धार पैदा करने की नसीहत दी है। प्रदेश के 72 हजार से अधिक बूथों पर सप्तऋषि का गठन करके ऐसी फौज खड़ी करनी है, जो चुनाव से पहले केंद्र सरकार के पैकेज एवं आम लोगों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का प्रचार कर सकें। राष्ट्रवाद की भावना को भी भाजपा साथ लेकर चलेगी। नड्डा ने साफ कर दिया है कि राजग की बड़े अंतर से जीत के लिए भाजपा सभी बूथों पर तैयारी करेगी। 

नीतीश का सारा फोकस आम लोगों की राहत पर

संगठन के स्तर पर जदयू की तैयारी भी लगभग ऐसी ही है। कोरोना से जूझ रहे राज्य के मुख्यमंत्री के नाते जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार का अभी सारा फोकस आमलोगों को राहत देने पर है। संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को भी नीतीश ने अभी इसी मोर्चे पर तैनात कर रखा है। हालांकि बूथ स्तर पर जदयू की कमेटी के गठन का काम पहले ही पूरा कर लिया गया है। 

सोनिया के साथ विपक्ष का विमर्श

असली हलचल महागठबंधन खेमे में है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के सक्रिय होते ही महागठबंधन के सारे घटक दल चुनावी मोड में नजर आने लगे हैं। शुक्रवार को दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली संयुक्त विपक्ष की बैठक में बिहार से राजद नेता तेजस्वी यादव, ङ्क्षहदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) प्रमुख जीतनराम मांझी एवं रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा शिरकत करने वाले हैं। बैठक तो कोरोना के चलते देश के हालात और आर्थिक संकटों से निजात के उपायों पर विमर्श के लिए बुलाई गई है, लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव का मुद्दा भी अहम हो सकता है, क्योंकि तैयारियों के लिहाज से राजनीतिक दलों के पास अब ज्यादा समय नहीं है। तीन महीने बाद किसी भी समय चुनाव की अधिसूचना जारी हो सकती है। 

Posted By: Rajesh Thakur

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