पटना [प्रशांत कुमार]। भले ही राजधानी के थानों में 'हनी ट्रैप' के मामले दर्ज नहीं हो रहे, पर यह खेल रोजाना जारी है। खास बात तो यह है कि इसका संचालन पटना पुलिस के क्विक मोबाइल के कुछ भ्रष्ट जवान कर रहे हैं।

पटना जंक्शन के आसपास पुलिस संरक्षण में सेक्स का बड़ा रैकेट चल रहा है। देर रात सजधज कर मंडराने वाली लड़कियां यहां शिकार ढूंढती हैं और पुलिस उनसे वसूली करती है। मोटे 'आसामी' को फोन कर ब्लैकमेल करने का धंधा भी जोरों पर फल-फूल रहा है। बदनामी के डर से लोग थाने या आला अफसरों के पास जाकर शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते।

क्या है हनी ट्रैप

वैवाहिक रिश्ते में वफादारी जांचने के लिए खुफिया तरीके के इस्तेमाल को हनी ट्रैप कहा जाता है। लेकिन, जालसाजों ने इसका अर्थ लड़की के जरिए ब्लैकमेल करना बना दिया। पूर्व में हनी ट्रैपिंग के आरोपियों ने खुलासा किया था कि हॉलीबुड की फिल्मों से उन्हें प्रेरणा मिली थी।

ऐसे चलता है गोरखधंधा

रात में पटना जंक्शन, महावीर मंदिर, टाटा पार्क के आसपास अच्छे कपड़े और सजधज कर लड़कियां व महिलाएं राहगीरों पर नजर रखती हैं। नजर मिलते ही वह अश्लील इशारे करने लगती हैं और लोगों को पीछे-पीछे आने का इशारा करती हैं।

ये लड़कियां अंधेरे और सुनसान जगह पर न्यू मार्केट के आसपास मौज-मस्ती के लिए सौदा तय करती हैं। वे ग्राहक से होटल बुकिंग से लेकर तमाम सुविधाओं के लिए पैसे ले लेती हैं। यह पूरा खेल पुलिस की मिलीभगत से चलता है।

कुछ ऐसे दिखाते हैं वर्दी का डर

लड़की के साथ गाड़ी या रिक्शा पर बैठे ग्राहक की तस्वीर पुलिस के जवान खींच लेते हैं। इसके बाद वे ग्राहक के साथ मारपीट शुरू कर देते हैं। वे वेश्यावृति के आरोप में जेल भेजने की बात करते हैं। इसके बाद वे सौदा तय करते हैं।

फोन पर होती है वसूली

पुलिस वाले संपन्न और सभ्य परिवार के युवकों के नाम, पता और मोबाइल नंबर डायरी में लिख लेते हैं। कुछ दिनों बाद वे उसे फोन कर फोटो को साक्ष्य बनाकर केस करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करते हैं।

लिफ्ट देना पड़ सकता है महंगा

देर रात सुनसान सड़क पर लड़की को गाड़ी पर लिफ्ट देना महंगा पड़ सकता है। अक्सर पुलिस के ऐसे भ्रष्ट जवान लड़कियों को अंधेरे में खड़ा करवा उनसे लोगों से लिफ्ट मंगवाते हैं। जैसे ही लड़की गाड़ी में बैठती है, जवान बाइक से ओवरटेक कर युवक को दबोच लेता है।

बदले जाएंगे सभी थानों के क्विक मोबाइल

एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि पुलिस के क्विक मोबाइल के जवानों द्वारा स्टेशन और आसपास के इलाकों में देह व्यापार का धंधा चलाने और लोगों को ब्लैकमेल करने की सूचना मिल रही हैं। वर्दी पर दाग लगाने वाले जवानों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) अनुपम कुमार को थानों में तैनात क्विक मोबाइल को बदलने का निर्देश दिया जाएगा। विशेष टीम गोरखधंधा संचालित करने वाले जवानों को ट्रैप करने के लिए अभियान चलाएगी।

Posted By: Amit Alok

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