पटना। राज्य के सबसे बड़े अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) में सरकार की योजनाओं को लटका कर रखना अस्पताल प्रशासन की आदत बन गई है। इसमें पीएमसीएच और बिहार चिकित्सा सेवा एवं आधारभूत संरचना निगम दोनों मिलकर मरीजों के जख्म पर नमक छिड़क रहे हैं।

पीएमसीएच में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनाने की योजना पिछले तीन वर्षो से झूल रही है। इस योजना को इस वर्ष पूरा हो जाना था, लेकिन उद्घाटन के समय अस्पताल का शिलान्यास किया गया। अब कब पूरा होगा भगवान ही जाने। पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ. विद्यापति चौधरी का कहना है कि सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निर्माण में समय लगेगा। इसके लिए काम शुरू हुआ है। लेकिन सच ये है कि पैसा मिलने के बाद भी तीन वर्षो से योजना फाइलों में बंद पड़ी है। इस योजना के लिए केंद्र सरकार ने 1 करोड़ 80 लाख रुपये दिए थे। पीएमसीएच के साथ देश के कई राज्यों में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनाने की योजना तैयार की गई थी, जिसमें से अधिकांश राज्यों में हॉस्पिटल में मरीजों का इलाज भी हो रहा है। लेकिन पीएमसीएच में कार्य अभी प्रारंभिक अवस्था में ही है। सच तो यह है कि इस वर्ष संसदीय समिति के आगमन पर सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की सच्चाई केंद्र सरकार को पता चला। जिसमें बताया गया कि हॉस्पिटल का अभी तक शिलान्यास भी नहीं हुआ है, इस पर संसदीय समिति ने पीएमसीएच एवं स्वास्थ्य विभाग दोनों को जमकर फटकार लगाई। इसके बाद शिलान्यास किया गया। किडनी प्रत्यारोपण यूनिट का काम भी अधूरा

पीएमसीएच में किडनी प्रत्यारोपण यूनिट का काम कब पूरा होगा, कहना मुश्किल है। यह योजना अभी भी अधूरी है। जबकि इसे इस वर्ष के मध्य तक बन जाना था। परंतु योजना कब पूरी होगी कहना मुश्किल है। अभी भी निर्माण कार्य अधूरा है। मालूम हो कि राज्य में सबसे पहले पीएमसीएच में किडनी प्रत्यारोपण करने की योजना शुरू हुई थी लेकिन बाद में इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान ने बाजी मार ली। आइजीआइएमएस में 50 से ज्यादा मरीजों का किडनी प्रत्यारोपण हो भी चुका है लेकिन पीएमसीएच में अभी भी योजना लटकी हुई है और कब पूरी होगी कहना मुश्किल है। सभी जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि अभी कुछ नहीं कह सकते हैं। टीबी मरीजों के लिए नहीं बना एमडीआर वार्ड पीएमसीएच में टीबी मरीजों के लिए एमडीआर वार्ड बनना था, लेकिन यह भी योजना अभी फाइलों में चल रही है। कहने को तो पीएमसीएच में काम की कमी नहीं है, लेकिन कोई भी काम धरातल पर नहीं दिखाई दे रहा है। सबकुछ फाइलों में चल रहा है। आइजीआइएमएस में राज्य का पहला एमडीआर वार्ड खुल गया। मरीजों को सुविधा मिल रही है लेकिन यहां पर अभी भी काम ही चल रहा है।

Posted By: Jagran

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