विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नवजात और गंभीर बच्चों के इलाज में मिलेगी बड़ी राहत, पटना PMCH में 58 बेड का नीकू और 20 बेड का पीकू वार्ड तैयार

Published: Sat, 03 Oct 2026 01:47 PM (IST)

पटना पीएमसीएच में अक्टूबर के पहले सप्ताह से नवजात और गंभीर बच्चों के इलाज के लिए नीकू और पीकू का विस्तार किया जाएगा।

News Article Hero Image

HighLights

  1. अक्टूबर के पहले सप्ताह में नीकू-पीकू का विस्तार होगा।

  2. नवजात और गंभीर बच्चों के लिए बेड क्षमता बढ़ेगी।

  3. बाल चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण कदम।

जागरण संवाददाता, पटना। नवजात और गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में अक्टूबर के पहले सप्ताह में नीकू (नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) और पीकू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) का विस्तार किया जाएगा। 

इससे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने वाले नवजात और बच्चों को भर्ती कराने में होने वाली परेशानी कम होगी और अधिक बच्चों को एक साथ इलाज की सुविधा मिल सकेगी। अस्पताल प्रशासन ने विस्तार को लेकर आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी है। 

पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि अक्टूबर के पहले सप्ताह में नीकू-पीकू की नई व्यवस्था शुरू करने की तैयारी है। वर्तमान में पांचवें फ्लोर पर 38 बेड का नीकू और 20 बेड का पीकू संचालित है। नई व्यवस्था के तहत दोनों यूनिट को नए स्वरूप में व्यवस्थित किया जाएगा। इसमें 58 बेड का नीकू वार्ड और 20 बेड का अलग पीकू वार्ड होगा।

गंभीर नवजातों के लिए 58 बेड का नीकू

अस्पताल में अभी 38 बेड का नीकू है। नवजातों की संख्या बढ़ने पर कई बार बेड की उपलब्धता चुनौती बन जाती है। नई व्यवस्था में नीकू की क्षमता बढ़ाकर 58 बेड की जाएगी। इससे समय से पहले जन्म लेने वाले, कम वजन वाले और गंभीर स्थिति वाले नवजातों को गहन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। वर्तमान में नीकू और पीकू पांचवें फ्लोर पर ही संचालित हो रहे हैं। 

नई व्यवस्था में 20 बेड का पीकू अलग वार्ड के रूप में संचालित किया जाएगा। इसमें गंभीर रूप से बीमार बच्चों को वेंटिलेटर सहित आवश्यक गहन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह के अनुसार, नीकू और पीकू का विस्तार पीएमसीएच में बाल चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 

बेड बढ़ने से गंभीर नवजात और बच्चों को समय पर भर्ती कर उपचार शुरू करने में मदद मिलेगी। अस्पताल प्रशासन का प्रयास है कि विस्तार के साथ जरूरी संसाधन और चिकित्सकीय सुविधाएं भी व्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराई जाएं।

यह भी पढ़ें- मौसम का मिजाज बदलते ही पटना में बीमारियों का अटैक, PMCH और IGIMS में बढ़ी बुखार के मरीजों की संख्या