बिहार के आदित्य का 'रोबोटिक' जलवा: शंघाई में लहराया तिरंगा, पीएम मोदी ने थपथपाई पीठ
शंघाई में संपन्न वर्ल्ड स्किल कॉम्पिटिशन में अपने हुनर का प्रदर्शन करने वाले पटना के आदित्य प्रकाश और आशीष राजवंश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मानित किया।

बिहार के आदित्य का 'रोबोटिक' जलवा: शंघाई में लहराया तिरंगा, पीएम मोदी ने थपथपाई पीठ
HighLights
पीएम मोदी ने आदित्य और आशीष को नई दिल्ली में सम्मानित किया।
आदित्य ने रोबोटिक्स में और आशीष ने एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस में दिखाया हुनर।
दोनों ने शंघाई वर्ल्ड स्किल कॉम्पिटिशन में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
जागरण संवाददाता, पटना। चीन के शंघाई में संपन्न वर्ल्ड स्किल कॉम्पिटिशन में अपने हुनर का प्रदर्शन करने वाले राजधानी के आदित्य प्रकाश और आशीष राजवंश को शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सम्मानित किया।
इंसानी इशारों को समझकर खुद रास्ता तलाशने और बाधाओं को मात देकर मंजिल तक पहुंचने वाला रोबोट तैयार कर राजधानी के गोला रोड निवासी 22 वर्षीय आदित्य प्रकाश ने वैश्विक पटल पर तिरंगा लहराया।
एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, एविएशन सुरक्षा और मेंटेनेंस के कड़े मानकों के अनुसार एयरक्राफ्ट सिस्टम की जांच, सर्विसिंग और मरम्मत करने की तरकीब दिखाने वाले आशीष को प्रतिभा की पीएम ने सराहना की।
वर्ल्ड स्किल्स काम्पिटिशन में आदित्य ने ऑटोनॉमस मोबाइल रोबोटिक्स श्रेणी में भारत का प्रतिनिधित्व कर मेडलियन फॉर एक्सीलेंस सम्मान हासिल किया। आदित्य ओडिशा स्थित सीवी रमन कॉलेज से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (बीटेक) कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कॉलेज के रोबोटिक्स लैब से शुरू हुआ उनका यह सफर डेढ़ साल के कड़े प्रशिक्षण और सरकारी सहयोग से इस मुकाम तक पहुंचा। शंघाई में प्रतियोगिता की थीम रेस्टोरेंट व लॉजिस्टिक्स सर्विस पर आधारित थी।
वहां केवल तीन घंटे पहले मिले अनजान टास्क को सटीकता के साथ कोड कर उन्होंने ऐसा रोबोट संचालित किया, जो कैमरों की मदद से वस्तुओं को पहचानता है, रुकावट आने पर खुद नया रास्ता ढूंढता है और बिना भटके सटीक डिलीवरी करता है।
बिहार विधान परिषद में सेक्शन ऑफिसर वेद प्रकाश के पुत्र आदित्य ने ओडिशा स्किल्स 2025-26 में स्वर्ण, इंडिया स्किल 2025-26 ईस्ट रीजनल में और इंडिया स्किल 2025-26 नेशनल में रजत पदक जीता है। आदित्य का लक्ष्य अब देश के अन्य युवाओं को रोबोटिक्स से जोड़ना और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के लिए पदक जीतना है।
एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस में किया भारत का प्रतिनिधित्व
एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस में राजधानी के दानापुर निवासी 24 वर्षीय आशीष राजवंश ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा की पढ़ाई को सटीक और समय-सीमा के भीतर पेशेवर काम में बदला।
आशीष ने बताया कि उन्होंने अध्ययन के दौरान तकनीक को बार-बार दोहराकर बेहतर से बेहतरीन करने पर जोर दिया। एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस में भारत का प्रतिनिधित्व किया और अंतरराष्ट्रीय मानकों व प्रतियोगिता की स्थितियों के आधार पर अपनी क्षमताओं को परखा।
उनका काम एयरक्राफ्ट के स्ट्रक्चर, इंजन, इलेक्ट्रिकल आदि को देखते हुए टेकऑफ से पहले रखरखाव पर आधारित है। उन्होंने बताया कि यह जिम्मेदारी भरा कार्य है। उन्हें एयरक्राफ्ट मेंटेनेस इंजीनियरिंग करनी है। आशीष के बड़े भाई दानापुर में एक मैकेनिकल वर्कशॉप का संचालन करते हैं।
