पटना: कर्ज में डूबा फिजिक्स ग्रेजुएट युवक, तो कमिशन पर निकालने लगा ठगी के पैसे; गिरफ्तार
पटना साइबर पुलिस ने कर्ज चुकाने के लिए साइबर ठगी में शामिल एक भौतिकी स्नातक युवक बबलू कुमार को गिरफ्तार ...और पढ़ें

कर्ज में डूबा फिजिक्स ग्रेजुएट युवक (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
जागरण संवाददाता, पटना। पांच से छह लाख रुपये का कर्ज चुकाने के लिए राजस्थान में साइबर ठगी का प्रशिक्षण लेने वाला भौतिकी से स्नातक 24 वर्षीय युवक अपराधियों के गिरोह में शामिल हो गया।
पटना साइबर पुलिस और साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई की संयुक्त टीम ने रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र की आदर्श कॉलोनी में छापेमारी कर शेखपुरा जिले के सलैया गांव निवासी बबलू कुमार को गिरफ्तार किया। उसके पास से दो मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों के 15 एटीएम कार्ड और सात पासबुक बरामद की गई।
40 से अधिक शिकायतें दर्ज
एनसीआरबी पोर्टल पर उसके खिलाफ 40 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस पूछताछ में बबलू ने बताया कि वह गांव में रहकर ट्रेडिंग करता था। इसी दौरान उस पर पांच से छह लाख रुपये का कर्ज हो गया।
कर्ज चुकाने के लिए वह राजस्थान गया, जहां नौकरी करने के बजाय साइबर ठगी का प्रशिक्षण लिया। वहां उसकी मुलाकात अपराधियों से हुई। प्रशिक्षण के बाद उसे उत्तर प्रदेश के बस्ती भेजा गया, जहां दूसरे गिरोह के सदस्यों ने बैंक खाते खुलवाने के बदले प्रति खाता 20 हजार रुपये का लालच दिया।
आधार कार्ड में पता बदलकर खुलवाए गए खाते
आरोप है कि आधार कार्ड में पता बदलकर दो अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाये गये। इनमें ठगी की रकम आने पर खाते ब्लाक हो गये, जिसके बाद वह पटना आकर किराये के मकान में रहने लगा। पटना साइबर डीएसपी संगीता ने बताया कि गुप्त सूचना पर टीम गठित कर कार्रवाई की गयी।
शुरुआती जांच में 50 से 60 लाख रुपये से अधिक के लेनदेन का पता चला है। पूछताछ में बबलू ने कई अन्य लोगों के नाम बताये हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
रोहतास की महिला खोलवाती थी खाता, बबलू निकालता था रुपये
पुलिस के अनुसार, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के ठगों ने उसकी मुलाकात रोहतास जिले की एक महिला से कराई थी। महिला बैंक खाते उपलब्ध कराती थी, जबकि बबलू उनके एटीएम कार्ड और चेकबुक रखता था। खातों में ठगी की रकम मंगाकर वह पटना के अलग-अलग इलाकों के एटीएम से नकदी निकालता था।
महिला को प्रति खाते 10 हजार रुपये और बबलू को निकाली गयी रकम का पांच से आठ प्रतिशत कमीशन मिलता था। शेष रकम वह कैश डिपाजिट मशीन से उत्तर प्रदेश और राजस्थान के ठगों के खातों में जमा करता था।
