पटना, जेएनएन। कलेक्ट्रेट, बांसघाट और महेंद्रूघाट पर छठ का अर्घ्य व्रती दे सकेंगे। जलमग्न रास्ते के बीच गंगा की गाद हटाकर रास्ते का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर प्रारंभ हो गया है। कलेक्ट्रेट घाट से गाद हटाकर उसपर बालू भरे बोरे डालकर रास्ते का निर्माण हो रहा है। गंगा के जलस्तर में कमी आने से प्रशासन को काफी राहत मिली है। तीनों घाट आपस में जुड़े हुए हैं। घाट छोड़कर अधिकांश भाग पानी में डूबा हुआ है। रास्ता बन जाने के बाद सभी तरह की समस्याएं दूर हो जाएगी।

बांसघाट पर भी रास्ते का निर्माण प्रारंभ हो गया है। गंगा चैनल में मिट्टी डाल दी गई है। बांस घाट के रास्ते करीब ढाई किलोमीटर दूरी पर गंगा है। रास्ते में कई जगहों पर पानी भरा हुआ है। उससे पानी निकालने का कार्य प्रारंभ हो गया है। महेंद्रूघाट के पास ज्यादा पानी है। यहां पीपा पुल बनाने की तैयारी है। शनिवार को घाट की दिनभर सफाई चली। बांसघाट से महेंद्रूघाट के बीच पार्किंग स्थल अभी पानी में डूबा हुआ है।

जिला प्रशासन वाहनों को भी घाट तक पहुंचाने की दिशा में भी कार्य कर रहा है। सभी तरह की संभावनाओं को ध्यान में रखकर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। जिलाधिकारी कुमार रवि ने बताया कि कलेक्ट्रेट, बांसघाट और महेंद्रूघाट पर बड़ा घाट तैयार होने की उम्मीद है। रास्ता बनाना ही कठिन कार्य है। जलस्तर में कमी के साथ रास्ता बनना संभव हो पा रहा है।

दिवाली से पहले पूरी कर लें छठ की तैयारी

प्रमंडलीय आयुक्त संजय अग्रवाल ने छठ पूजा की तैयारियों की समीक्षा के क्रम में संबंधित अधिकारियों को दीपावली से पूर्व कार्य प्रारंभ करने निर्देश दिया है। खासकर सुरक्षा और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को चार दिनों के भीतर आकार देने के लिए कहा गया है। बैरिकेडिंग, वाच टावर, चेंजिंग रूम, यूरिनल, शौचालय एवं घाट का कार्य 23 अक्टूबर तक पटरी पर लाने को कहा। कलेक्ट्रेट घाट में पानी का जलस्तर अधिक होने के कारण 24 घंटे के भीतर रास्ता बनाने का निर्देश नगर आयुक्त को दिया गया है।

Posted By: Akshay Pandey

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