पटना । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता वाली कैबिनेट गुरुवार को राजधानी के दूसरे मास्टर प्लान पर मुहर लगाएगी। मास्टर प्लान 2031 के अंदर 30 से 40 जोनल प्लान बनाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। जोनल प्लान में कॉमर्शियल, आवासीय, मैनुफैक्च¨रग, पब्लिक एंड सेमी पब्लिक क्षेत्र और ओपेन एरिया चिह्नित किए गए हैं।

सरकार को उम्मीद है कि मास्टर प्लान कैबिनेट से पास होने के बाद राजधानी में 20 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र वाले भवनों के निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा। दरअसल, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने राजधानी में 20 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र वाले भवनों के निर्माण पर रोक लगा रखी है। ऐसे में तत्काल मास्टर प्लान जरूरी है।

वैसे पटना का मास्टर प्लान चार बार बन चुका है। लेकिन इसे दो ही बार पारित कराया गया है। पहला मास्टर प्लान 1961-81 के लिए बना। इसे राज्य सरकार ने 20 जून 1967 को मंजूरी दी। इसके बाद दूसरा मास्टर प्लान 1981-2001 के लिए तैयार किया गया। इसे पीआरडीए बोर्ड ने 25 अगस्त 1990 को मंजूरी भी दे दी थी। लेकिन राज्य सरकार से इसे मंजूरी नहीं मिली। तीसरा मास्टर प्लान 2001-2021 के लिए बना। इस प्लान को निगम बोर्ड ने जून 2008 में पारित कर मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा। लेकिन इसे भी तकनीकी कारणों से सरकार की मंजूरी नहीं मिल सकी। अब चौथा मास्टर प्लान 2031 बना है।

म ट्रोपोलिटन कमेटी के बजट पर लगेगी मुहर

क बिनेट आज मेट्रोपोलिटन कमेटी के बजट पर भी मुहर लगाएगी। इसमें निर्वाचित सदस्यों के लिए यात्रा भत्ता मद में 4.20 लाख, राज्य के बाहर से शामिल किए गए कमेटी के विशेष आमंत्रित सदस्यों के लिए यात्रा भत्ता में 3 लाख, भोजन व आवासन पर खर्च होने वाला 3 लाख, विशेष आमंत्रित सदस्यों के मानदेय पर 50 हजार, पटना मास्टर प्लान 2031 के लिए जागरूकता व प्रचार-प्रसार अभियान के लिए पाच लाख और कमेटी के कार्यालय खर्च के लिए 8 लाख रुपये का बजट मंजूर किया जाएगा।