पटना वीमेंस कॉलेज में अगले साल से पांच नए PG कोर्स, जुलाई से आवेदन; 30-30 सीटें, M.Com में 100 सीट
पटना वीमेंस कॉलेज अगले शैक्षणिक सत्र से पांच नए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करेगा, जिनमें एमएससी (गणित, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान), ...और पढ़ें

पटना वीमेंस कॉलेज
HighLights
पटना वीमेंस कॉलेज में पांच नए पीजी कोर्स शुरू होंगे।
एमएससी, एमए, एमकॉम में कुल 220 सीटों पर प्रवेश मिलेगा।
जुलाई 2027 से आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
जागरण संवाददाता, पटना। स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए छात्राओं को अब दूसरे संस्थानों का रुख नहीं करना पड़ेगा। पटना वीमेंस कॉलेज में अगले शैक्षणिक सत्र से पांच नए पीजी पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इनमें एमएससी मैथ्स, एमएससी केमिस्ट्री, एमएससी बाटनी, एमए सोशियोलाजी और एमकाम शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों के प्रस्ताव को बोर्ड आफ स्टडीज और एकेडमिक काउंसिल से मंजूरी मिल चुकी है।
जुलाई 2027 से शुरू हो सकता है एडमिशन
नए पाठ्यक्रमों में अगले वर्ष जुलाई से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। इसके लिए आनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।
आवेदन के बाद साक्षात्कार के आधार पर छात्राओं का चयन किया जाएगा। यानी इच्छुक छात्राओं को अगले शैक्षणिक सत्र में इन नए कोर्सों के लिए आवेदन का मौका मिल सकता है।
M.Sc और M.A में 30-30 सीटों की तैयारी
कॉलेज प्रशासन के अनुसार एमएससी और एमए के प्रत्येक नए पाठ्यक्रम में 30-30 सीटें प्रस्तावित हैं। वहीं एमकाम में 100 सीटों पर प्रवेश की तैयारी है।
इस तरह पांच नए पाठ्यक्रमों के जरिए कुल 220 सीटें उपलब्ध कराने की योजना है। हालांकि अंतिम सीट और प्रवेश व्यवस्था प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
फीस से लेकर शिक्षकों तक तैयार हो रहा पूरा ढांचा
नए पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए कॉलेज स्तर पर तैयारियां जारी हैं। संबंधित पाठ्यक्रमों के लिए शुल्क ढांचा तैयार किया जा रहा है।
साथ ही विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी। कॉलेज में कुछ विषयों के विशेषज्ञ पहले से मौजूद हैं, जबकि जरूरत के अनुसार नए शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
पढ़ाई के साथ करियर के नए रास्ते खुलेंगे
एमएससी मैथ्स के बाद शिक्षण, रिसर्च, डेटा एनालिसिस और प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के विकल्प मिल सकते हैं।
केमिस्ट्री और बाटनी के विद्यार्थियों के लिए रिसर्च, प्रयोगशाला, फार्मा, पर्यावरण और उच्च शिक्षा के क्षेत्र खुले रहेंगे। एमए सोशियोलाजी सामाजिक शोध, विकास क्षेत्र और सामाजिक नीति जैसे क्षेत्रों के लिए उपयोगी हो सकता है।
M.Com से बैंकिंग और फाइनेंस तक विकल्प
एमकाम के बाद अकाउंटिंग, फाइनेंस, बैंकिंग, टैक्सेशन और कॉरपोरेट सेक्टर में करियर के अवसर मिल सकते हैं। इसके साथ सीए, सीएस और सीएमए जैसी पेशेवर योग्यताओं की तैयारी का रास्ता भी खुला रहेगा। इससे छात्राओं को स्नातकोत्तर के बाद आगे की पढ़ाई और करियर के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे।
कॉलेज में ही बढ़ेंगे PG के विकल्प
आइक्यूएसी समन्वयक अमृता चौधरी ने बताया कि फिलहाल नए पीजी पाठ्यक्रमों में 30 सीटों पर प्रवेश की तैयारी है, जबकि एमकाम में 100 सीटें होंगी। शुल्क ढांचा और शिक्षकों की व्यवस्था पर काम चल रहा है। अगले वर्ष जुलाई से प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।
