मैथिली भाषा में राजनीति विज्ञान पढ़ना होगा आसान, पटना यूनिवर्सिटी में 3,800 शब्दों के मानकीकरण पर लगी मुहर
पटना विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला संपन्न हुई, जिसमें राजनीति विज्ञान की 3,800 शब्दावलियों को मैथिली में मानकीकृत करने पर सहमति बनी।

कार्यशाला में मौजूद एक्सपर्ट। फोटो जागरण
HighLights
पटना विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय कार्यशाला का समापन।
3,800 राजनीति विज्ञान शब्दावलियों का मैथिली में मानकीकरण।
मैथिली में उच्च शिक्षा को सुलभ और प्रभावी बनाना।
जागरण संवाददाता, पटना। पटना विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से 12 से 16 अक्टूबर तक आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शुक्रवार को संपन्न हुई।
वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग (सीएसटीटी), नई दिल्ली, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में हुई इस कार्यशाला में राजनीति विज्ञान की मूलभूत शब्दावली को मैथिली में विकसित और मानकीकृत करने पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यशाला में राजनीति विज्ञान की अंग्रेजी और हिंदी की 3,800 शब्दावलियों को मैथिली में रूपांतरित करने पर सहमति बनी। चयनित शब्दावली का प्रकाशन किया जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजनीति विज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. सीमा प्रसाद ने कहा कि सीएसटीटी विभिन्न विषयों की मानकीकृत शब्दावलियां हिंदी सहित सभी भारतीय भाषाओं में विकसित करने के लिए लगातार काम कर रहा है।
राजनीति विज्ञान की मूलभूत शब्दावली मैथिली में विकसित होने से उच्च शिक्षा अधिक सुलभ, प्रभावी और रोजगारोन्मुखी बनेगी। इससे हिंदी और मैथिली में अध्ययन-अध्यापन करने वाले शिक्षकों, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को विशेष लाभ होगा।
भारतीय भाषाओं में ज्ञान-विज्ञान को बढ़ावा देने की पहल
कार्यशाला के संयोजक एवं विषय विशेषज्ञ डा. राकेश रंजन ने कहा कि भारतीय भाषाओं में ज्ञान और विज्ञान को बढ़ावा देने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
आयोग 1961 से भारतीय भाषाओं में वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली के निर्माण और मानकीकरण का कार्य कर रहा है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में भी इन शब्दावलियों की अहम भूमिका है। सीएसटीटी, नई दिल्ली के सहायक निदेशक (राजनीति विज्ञान) डॉ. शहजाद अहमद अंसारी ने आयोजन में सहयोग के लिए विभागाध्यक्ष और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि आयोग की वेबसाइट www.shabd.education.gov.in पर विभिन्न विषयों की विकसित द्विभाषी एवं त्रिभाषी शब्दावलियां और परिभाषा शब्दकोश संदर्भ के लिए उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि कार्यशाला में विषय और भाषा विशेषज्ञों के समन्वय से शब्दावली को अधिक सटीक, उपयुक्त और विषय-केंद्रित बनाने पर ध्यान दिया गया। कार्यशाला का आयोजन सीएसटीटी के अध्यक्ष प्रो. हितेन्द्र कुमार मिश्र के मार्गदर्शन में हुआ।
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