पटना, जेएनएन। पटना साहिब और पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र में मतदान के लिए दो-दो बैलेट यूनिट की जरूरत पड़ सकती है। ऐसा प्रत्याशियों की तादाद अधिक होने से होगा। जिला प्रशासन उम्मीदवारों की संख्या देख परेशान हो गया है। अगर नामांकन रद नहीं होते या वापस नहीं लिए जाते हैं तो दो बैलेट यूनिट का इस्तेमाल अनिवार्य हो जाएगा। ऐसी स्थिति में मतदान दल पर अतिरिक्त सामग्री को हैंडल करने की जिम्मेदारी बढ़ेगी।

क्यों हो रहा एेसा

दरअसल, एक बैलेट यूनिट में 16 बटन ही होते हैं। इनमें एक बटन नोटा के लिए रिजर्व है। इस तरह एक बैलेट यूनिट पर 15 प्रत्याशियों के नाम ही शामिल किए जा सकते हैं। इससे अधिक अभ्यर्थी रहने पर दो बैलेट यूनिट की जरूरत पड़ती है। कमांड यूनिट और वीवीपैट प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक ही रहेगा, जो ईवीएम से लिंक रहेगा।

पाटलिपुत्र सीट से अब तक 21 नामांकन

जिले के अंतर्गत पडऩे वाली दोनों सीटों के लिए नामांकन पत्र भरे जाने की अंतिम तिथि 29 अप्रैल है। देखना है कि अंतिम दिन कितने अभ्यर्थी नामांकन पत्र भरते हैं। 30 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच होगी तथा दो मई को नाम वापसी की अंतिम तिथि है। दो मई की शाम स्पष्ट होगा कि कितने बैलेट यूनिट की जरूरत पड़ेगी। पटना साहिब संसदीय क्षेत्र में अब तक 16 अभ्यर्थी नामांकन पत्र भर चुके हैं। कांग्रेस से सिने स्टार शत्रुघ्न सिन्हा सहित कई अन्य अभ्यर्थी 29 अप्रैल को नामांकन पत्र भरेंगे। पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र से अब तक 21 अभ्यर्थी नामांकन पत्र भर चुके हैं। स्क्रूटनी और नाम वापसी के बाद अगर 15 अभ्यर्थी ही बचते हैं तो सिर्फ एक बैलेट यूनिट से काम चल जाएगा। अन्यथा दो-दो बैलेट यूनिट की जरूरत पड़ जाएगी। पटना साहिब और पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र में 4057 मतदान केंद्र हैं।

बाढ़ और मोकामा में दो-दो बैलेट यूनिट की जरूरत

मुंगेर संसदीय क्षेत्र में 21 अभ्यर्थी रहने के कारण दो-दो बैलेट यूनिट से 29 अप्रैल को मतदान होने जा रहा है। मुंगेर संसदीय क्षेत्र में पटना जिले का बाढ़ और मोकामा विधानसभा क्षेत्र है। मुंगेर की तरह पटना जिले के पटना साहिब और पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र में भी स्थिति उत्पन्न हो रही है।

Posted By: Akshay Pandey

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