प्रॉपर्टी टैक्स में ये गलती की तो फंसेंगे, पटना नगर निगम ने बताया कब जरूरी है दोबारा कर निर्धारण
पटना नगर निगम ने संपत्ति के उपयोग या निर्माण में बदलाव की जानकारी न देने पर 100% जुर्माने की चेतावनी ...और पढ़ें

पटना में प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर नगर निगम सख्त। फाइल
HighLights
संपत्ति के उपयोग या निर्माण में बदलाव पर कर निर्धारण कराएं।
जानकारी न देने पर 100% जुर्माना लगेगा, निगम सख्त।
पटना नगर निगम पुनर्मूल्यांकन अभियान चला रहा है।
मनीष कुमार, पटना। अगर आपने संपत्ति का कर निर्धारण कराने के बाद उसके उपयोग में बदलाव किया है, तो इसकी जानकारी नगर निगम को देना जरूरी है।
आवासीय संपत्ति का उपयोग व्यावसायिक या अन्य गैर-आवासीय कार्य में करने, गैर-आवासीय संपत्ति का उपयोग आवासीय रूप में करने अथवा संपत्ति में नया निर्माण या विस्तार कराने पर दोबारा कर निर्धारण कराना होगा।
146 संपत्तियों पर लगाया गया जुर्माना
ऐसा नहीं करने पर वर्तमान स्थिति के अनुसार कर की वसूली के साथ 100 प्रतिशत जुर्माना भी लगाया जाएगा। पटना नगर निगम ने तीन स्तरीय राजस्व संवर्धन अभियान के तहत कार्रवाई तेज कर दी है।
पुरानी और वर्तमान संपत्तियों के कर निर्धारण की जांच के साथ पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में 12 सितंबर तक फील्ड सर्वे के दौरान 146 ऐसी संपत्तियां चिह्नित की गई हैं।
जिनका वास्तविक विवरण पहले दर्ज कराए गए विवरण से अलग पाया गया। इन संपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन कर नियमानुसार 100 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है।
निगम वार्डवार बैठक कर जुटा रहा जानकारी
नगर निगम वार्डवार अपार्टमेंट के सचिवों के साथ बैठक कर भवनों में स्थित फ्लैट और अन्य संपत्तियों की जानकारी जुटा रहा है।
जिन संपत्तियों का अब तक कर निर्धारण नहीं हुआ है, उनके मालिकों को स्व-कर निर्धारण की प्रक्रिया की जानकारी भी दी जा रही है।
निगम के संज्ञान में ऐसे मामले आए हैं, जिनमें एक ही भवन के अलग-अलग फ्लैटों का कर अलग-अलग श्रेणी की सड़कों के आधार पर निर्धारित कराया गया है।
इससे कर निर्धारण में असमानता के साथ निगम के राजस्व को भी नुकसान हो रहा है। इसे देखते हुए निगम मुख्यालय ने सभी अंचलों को करीब चार हजार अपार्टमेंट और भवनों की सूची उपलब्ध कराई है। इन संपत्तियों के कर निर्धारण की जांच और पुनर्मूल्यांकन जारी है।
अपार्टमेंट और भवनों का हो रहा सत्यापन
पुनर्मूल्यांकन के दौरान यह भी जांच की जा रही है कि संपत्ति मालिकों ने भवन के विस्तार, उपयोग की श्रेणी या अन्य महत्वपूर्ण बदलावों को अपनी प्रापर्टी आइडी (पीआइडी) में अद्यतन कराया है या नहीं।
जिन मामलों में विवरण पुराना पाया जाएगा, वहां वर्तमान स्थिति के अनुसार कर निर्धारण को अद्यतन किया जाएगा।
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने अपार्टमेंट और भवनों की प्रत्येक संपत्ति का पुनर्मूल्यांकन कर वास्तविक उपयोग, क्षेत्रफल, सड़क की श्रेणी एवं अन्य संबंधित मानकों के आधार पर सही कर निर्धारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
अभियान के तहत माॅल, निजी अस्पताल, बैंक्वेट हाल, मार्केट कांप्लेक्स एवं अन्य बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के निर्धारित संपत्ति कर का भी पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन किया जा रहा है।
खुद से पुनः कर निर्धारण कराने पर नहीं लगेगा जुर्माना
चालू वित्तीय वर्ष में 4,984 संपत्तियों का पुनः कर निर्धारण किया गया है। ये वे संपत्तियां हैं, जिनके मूल कर निर्धारण के बाद संपत्ति के स्वरूप, निर्मित क्षेत्रफल अथवा अन्य विवरण में परिवर्तन या विस्तार हुआ है।
संपत्तिधारकों ने स्वयं आगे आकर संपत्ति का पुनः कर निर्धारण कराया है। इस कारण इन पर जुर्माना नहीं लगाया गया है।संपत्तिधारक पटना नगर निगम की वेबसाइट अथवा निगम के काउंटर पर जाकर कर का पुनर्निर्धारण करा सकते हैं।
चालू वित्तीय वर्ष में संपत्तियों के पुनर्निर्धारण की स्थिति
| अंचल | संपत्तिधारकों ने कराया पुनर्निर्धारण | जुर्माने के साथ पुनर्निर्धारण |
|---|---|---|
| अजीमाबाद | 671 | 12 |
| बांकीपुर | 554 | 12 |
| कंकड़बाग | 1,000 | 33 |
| नूतन राजधानी | 948 | 33 |
| पाटलिपुत्र | 1,398 | 47 |
| पटना सिटी | 413 | 9 |
इन स्थितियों में संपत्ति कर का पुनर्निर्धारण जरूरी
- आवासीय संपत्ति का उपयोग व्यावसायिक या अन्य गैर-आवासीय कार्य में करने पर।
- गैर-आवासीय संपत्ति का उपयोग आवासीय रूप में करने पर।
- स्व-उपयोग वाली संपत्ति को किराये पर देने पर।
- किराये पर दी गई संपत्ति का स्व-उपयोग करने पर।
- संपत्ति में नया निर्माण या विस्तार करने पर।
- संपत्ति की सड़क की श्रेणी गलत दर्ज होने पर।
- सड़क की श्रेणी में बदलाव के बाद उसे संपत्ति के विवरण में अद्यतन नहीं कराने पर।
- संपत्ति कर निर्धारण में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर।
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