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एक मकान में कई फ्लैट और मीटर हैं तो कैसे लगेगा टैक्स? पटना नगर निगम ने द‍िए 9 बड़े सवालों के जवाब

Published: Sun, 13 Sep 2026 10:15 AM (IST)

पटना नगर निगम संपत्ति कर के दायरे को बढ़ाने के लिए अभियान चला रहा है, जिसमें 4.80 लाख से अधिक ...और पढ़ें

संपत्ति कर का निर्धारण करती नगर निगम की टीम और नगर आयुक्‍त यशपाल मीणा।

संपत्ति कर का निर्धारण करती नगर निगम की टीम और नगर आयुक्‍त यशपाल मीणा।

HighLights

  1. पटना नगर निगम संपत्ति कर का दायरा बढ़ा रहा है।

  2. कई मीटर या किराएदार होने पर कर नियम स्पष्ट किए।

  3. कर राजस्व का उपयोग नागरिक सुविधाओं और विकास में होगा।

मनीष कुमार, पटना। पटना में संपत्ति कर के दायरे को बढ़ाने के लिए नगर निगम का अभियान तेज हो गया है। बिजली उपभोक्ताओं की काॅलिंग के दौरान अब तक 4,80,437 लोगों ने स्वीकार किया है कि वे संपत्ति कर जमा नहीं करते हैं। 

उनकी संपत्ति का कर निर्धारण नहीं हुआ है। चिह्नित संपत्तियों का अब कर निर्धारण शुरू कर दिया गया है। जनगणना 2027 के पहले चरण में मकानों के सूचीकरण के दौरान करीब 4.60 लाख मकान चिह्नित हुए हैं। 

जबकि नगर निगम के रिकाॅर्ड में अब तक करीब 3.10 लाख संपत्तियों का ही कर निर्धारण हुआ है। निगम का लक्ष्य भवन, भूखंड और अन्य कर योग्य संपत्तियों समेत पांच लाख से अधिक संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाना है।

ऐसे में लोगों के मन में कई सवाल हैं। एक मकान में कई बिजली मीटर हों तो क्या हर मीटर पर अलग संपत्ति कर लगेगा? किराएदार टैक्स देगा या मकान मालिक?

भाइयों में मकान बंट गया है तो टैक्स कैसे लगेगा? दुकान और घर एक ही भवन में है तो क्या अलग-अलग टैक्स देना होगा? इन सवालों पर नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने स्थिति स्पष्ट की है।

FAQ: संपत्ति कर को लेकर आपके हर सवाल का जवाब

सवाल 1: एक मकान में दो-तीन या पांच बिजली मीटर हैं तो क्या हर मीटर के नाम पर अलग संपत्ति कर देना होगा?

जवाब: नहीं। केवल अलग-अलग बिजली मीटर या बिजली उपभोक्ता होने से यह नहीं माना जाएगा कि संपत्तियां भी अलग-अलग हैं। भवन में मौजूद सभी फ्लैट या अन्य इकाइयों का संपत्ति कर निर्धारण जरूरी है। इसका निर्धारण एक ही प्रॉपर्टी आइडी (पीआइडी) में या अलग-अलग पीआइडी में किया जा सकता है।

सवाल 2: एक मकान में कई फ्लैट हैं और अलग-अलग बिजली मीटर भी लगे हैं, तो क्या हर बिजली उपभोक्ता को नया कर निर्धारण कराना होगा?

जवाब: यदि भवन के सभी फ्लैट या इकाइयों का संपत्ति कर पहले से निर्धारित है तो प्रत्येक बिजली उपभोक्ता के नाम से अलग कर निर्धारण कराने की जरूरत नहीं है। संपत्ति कर संबंधित संपत्ति या फ्लैट के निर्धारित कर के आधार पर ही देय होगा।

सवाल 3: मकान में किराएदार रहता है तो संपत्ति कर कौन देगा?

जवाब: संपत्ति कर संपत्ति के निर्धारित कर के आधार पर देय होगा। केवल इस आधार पर कि किसी फ्लैट या भवन में किराएदार रह रहा है और उसके नाम से बिजली कनेक्शन है, अलग से संपत्ति कर निर्धारित नहीं होगा।

सवाल 4: भाइयों के बीच मकान का बंटवारा नहीं हुआ है तो संपत्ति कर कौन देगा?

जवाब: यदि संपत्ति का विधिवत बंटवारा नहीं हुआ है तो जिन लोगों के नाम पर संपत्ति दर्ज है, वही संपत्ति कर का भुगतान करेंगे।

सवाल 5: अगर भाइयों में मकान का विधिवत बंटवारा हो चुका है तो क्या अलग-अलग टैक्स लगेगा?

जवाब: हां। यदि बंटवारे के बाद प्रत्येक भाई का हिस्सा अलग संपत्ति के रूप में निर्धारित हो चुका है तो प्रत्येक हिस्से का अलग-अलग संपत्ति कर निर्धारण कराना जरूरी होगा।

सवाल 6: घर के एक हिस्से में दुकान और दूसरे हिस्से में परिवार रहता है तो संपत्ति कर कैसे लगेगा?

जवाब: यदि दुकान और आवास के लिए अलग-अलग पीआइडी निर्धारित हैं तो दोनों का अलग-अलग संपत्ति कर निर्धारण होगा। वहीं, यदि एक ही पीआइडी में मिश्रित उपयोग का उल्लेख करते हुए स्व-कर निर्धारण किया गया है तो उसी पीआइडी के तहत संपत्ति कर निर्धारित होगा।

सवाल 7: सोसाइटी में फ्लैट है तो संपत्ति कर सोसाइटी देगी या फ्लैट मालिक?

जवाब: सोसाइटी क्षेत्र की कर योग्य संपत्तियां भी संपत्ति कर के दायरे में आएंगी। प्रत्येक कर योग्य संपत्ति या फ्लैट का नियमानुसार संपत्ति कर निर्धारण कराना अनिवार्य होगा।

सवाल 8: जनगणना के दौरान कितने मकान चिह्नित हुए और नगर निगम का लक्ष्य क्या है?

जवाब: जनगणना 2027 के पहले चरण में मकानों के सूचीकरण के दौरान करीब 4.60 लाख मकान चिह्नित हुए हैं। निगम के रिकार्ड में अब तक करीब 3.10 लाख संपत्तियों का कर निर्धारण हुआ है। नगर निगम का लक्ष्य भवन, भूखंड और अन्य कर योग्य संपत्तियों समेत पांच लाख से अधिक संपत्तियों को कर के दायरे में लाना है।

सवाल 9: राजीव नगर की 1,024 एकड़ जमीन का मामला कोर्ट में है, वहां संपत्ति कर लिया जाएगा?

जवाब: राजीव नगर की जमीन से जुड़े मामले में सक्षम प्राधिकार के निर्देश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

सवाल 10: नगर निगम संपत्ति कर वसूल रहा है, तो क्या इसका पैसा जनहित के कामों में भी खर्च होगा?

जवाब: नगर निगम के अनुसार संपत्ति कर निकाय की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के बजट प्रावधानों के अनुसार नगर निकायों के वित्तीय संसाधनों का कम से कम 25 प्रतिशत शहरी गरीबों के लिए बुनियादी सुविधाओं पर खर्च किया जाना है। निगम का कहना है कि राजस्व बढ़ाने का उद्देश्य केवल अधिक कर वसूलना नहीं, बल्कि अतिरिक्त संसाधनों से नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों को मजबूत करना भी है।

सवाल 11: संपत्ति कर से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल कहां होगा?

जवाब: नगर निगम के अनुसार संपत्ति कर से प्राप्त राजस्व का इस्तेमाल नागरिक सुविधाओं, शहरी विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न कार्यों में किया जाता है। जरूरत और प्राथमिकता के आधार पर सक्षम प्राधिकार समय-समय पर योजनाएं तय करता है और उनका क्रियान्वयन किया जाता है।

सबसे जरूरी बात

एक ही मकान में कई बिजली मीटर होना अपने आप में कई संपत्तियां होने का प्रमाण नहीं है। संपत्ति कर का निर्धारण संपत्ति, फ्लैट या इकाई की वास्तविक स्थिति और उसके पीआइडी के आधार पर होगा। वहीं, विधिवत बंटवारे के बाद अलग-अलग संपत्ति बन चुकी है तो अलग कर निर्धारण जरूरी होगा।