नीट छात्रा मौत मामला: 5 जनवरी से अब तक क्या-क्या हुआ? पढ़ें घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन
पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की मौत का मामला उलझा हुआ ...और पढ़ें

5 जनवरी को घर से पटना आई थी छात्रा।
HighLights
पटना गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की मौत।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने यौन हिंसा के संकेत दिए।
आईजी के नेतृत्व में एसआईटी कर रही जांच।
जागरण संवाददाता, पटना। राजधानी के गर्ल्स हॉस्टल में रहकर मेडिकल परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की मौत मामले की गुत्थी अभी तक सुलझ नहीं पाई है।
छात्रा की मौत को करीब 10 दिन हो चुके हैं। इस मामले की तह तक जाने का प्रयास बिहार पुलिस की SIT कर रही है।हालांकि अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। आईजी जितेंद्र राणा के नेतृत्व में गठित एसआईटी पूरे मामले की जांच कर रही है।
मंगलवार को एसआईटी ने गर्ल्स हॉस्टल जाकर जांच-पड़ताल की। इधर रेंज आईजी दिनभर की गतिविधियों और जांच की प्रगति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं।
अघटना को लेकर सियासत खूब गर्म है। विपक्ष ने इसे सरकार की विफलता बताया है। राजद समेत विपक्ष की सभी पार्टियां इस मामले में सरकार को घेर रही है।
घटनाक्रम पर नजर डालें तो इसकी शुरुआत 6 जनवरी से होती है। उसी दिन छात्रा चित्रगुप्त नगर स्थित शंभु गर्ल्स में बेहोशी की हालत में मिली थी। एक दिन पहले 5 जनवरी को वह पटना आई थी।
पहले उसे कंकड़बाग स्थित सहज अस्पताल ले जाया गया। बाद में प्रभात मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। 11 जनवरी को उसने दम तोड़ दिया।
छात्रा के जहानाबाद से पटना आने और अबतक की पूरी टाइमलाइन
- 5 जनवरी: छात्रा गांव से चित्रगुप्त नगर स्थित हाॅस्टल लौटी
- 6 जनवरी: बेहोशी की हालत में निजी अस्पताल में भर्ती
- 11 जनवरी: निजी अस्पताल में उपचार के क्रम में मौत हो गई।
- 11 जनवरी: डाॅक्टरों के बयान पर पुलिस बोली- यौन शोषण की पुष्टि नहीं
- 12 जनवरी: पीएमसीएच में मेडिकल बोर्ड गठन कर पोस्टमार्टम
- 12 जनवरी: शव कारगिल चौक पर रखकर प्रदर्शन, मामले में प्राथमिकी
- 15 जनवरी: पुलिस ने पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में सामने आई बातों की दी जानकारी
- 15 जनवरी: गर्ल्स हास्टल मालिक को पुलिस ने किया गिरफ्तार
- 16 जनवरी: गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है।
- 16 जनवरी: डीजीपी के आदेश एसआइटी गठित होने की जानकारी दी गई।
- 17 जनवरी: एडीजी, रेंज आईजी, एसएसपी सहित एसआइटी घटनास्थल पर।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में घटनास्थल, एफएसएल, सीसीटीवी कैमरे का फुटेज अवलोकन, संचालक, वार्डन एवं डॉक्टर के बयान के आधार पर यौन हिंसा से इनकार किया था।
पुलिस ने यह भी बताया कि यूरिन टेस्ट में नींद की दवा खाने के साक्ष्य मिले। छात्रा के मोबाइल के गूगल सर्च हिस्ट्री में 24 दिसंबर 2025 एवं 5 जनवरी को सुसाइड एवं नींद की दवा के संबंध में सर्च किया गया था।
इधर स्वजन लगातार बच्ची के साथ मारपीट और गलत होने की आशंका जता रहे थे। इसके बाद जैसे ही पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट सामने आया पुलिस की पूरी थ्योरी ही बदल गई।
स्वजनों ने जो आरोप लगाए थे, उसको बल मिल गया। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में कहा गया कि यौन हिंसा की बात से इनकार नहीं किया जा सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार उसके शरीर पर जख्म, बल प्रयोग, जबरन संबंध बनाए जाने के साक्ष्य मिले। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। इसके बाद लड़की के पिता ने चित्रगुप्त नगर थाने में FIR कराई।
इसमें आरोप लगाया गया कि हॉस्टल में दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद गृह मंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर डीजीपी विनय कुमार ने एसआईटी का गठन किया।
एसआईटी इस मामले में सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। घटनास्थल की दोबारा फोरेंसिक जांच के साथ अस्पतालों में जाकर भी पूछताछ की गई है।
