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NEET छात्रा मौत मामला: तैयार किया जा रहा स्पर्म का DNA प्रोफाइल, संदिग्धों से होगा मिलान

Published: Sun, 25 Jan 2026 09:24 PM (IST)

पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत मामले में पुलिस की प्रारंभिक जांच पर सवाल उठ गए ...और पढ़ें

नीट छात्रा मौत मामला। (जागरण)

नीट छात्रा मौत मामला। (जागरण)

HighLights

  1. एफएसएल रिपोर्ट में मानव स्पर्म के अवशेष मिले।

  2. स्पर्म का डीएनए प्रोफाइल तैयार कर संदिग्धों से मिलान होगा।

  3. दो थानेदार निलंबित, सीआईडी भी जांच में शामिल।

जागरण संवाददाता, पटना। चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत मामले में प्रारंभिक जांच का हवाला देकर पटना पुलिस पहले ही यौन हिंसा की बात से इंकार कर दिया था, लेकिन दो ऐसी जांच रिपोर्ट सामने आ चुकी हैं, जिससे पुलिस की प्रारंभिक जांच से लेकर उनकी पूरी कार्यप्रणाली ही सवालों के घेरे में आ गई है।

इसमें एक पोस्टमार्टम रिपोर्ट है, जिसमें यौन हिंसा से इंकार नहीं होने की बात कही गई थी। इसके बाद पुलिस की पूरी थ्योरी ही बदल गई।

मामला तूल पकड़ने लगा तब पुलिस सेंकेंड ओपिनियन और फारेंसिक रिपोर्ट का इंतजार करने लगी। शनिवार को एफएसएल ने भी बॉयोलाजिकल जांच रिपोर्ट एसआईटी को भेज दी थी, जिसमें बताया गया कि परीक्षण के क्रम में कथित रूप से घटना के समय पहने गए एक अंतर्वस्त्र से मानव स्पर्म के अवशेष प्राप्त हुए हैं।

दोनों रिपोर्ट से यौन हिंसा की घटना को समर्थन मिल गया। एफएसएल की बॉयोलाजिकल जांच में जो साक्ष्य मिले हैं, अब उसका डीएनए प्रोफाइल तैयार किया जा रहा। साथ ही गिरफ्तार किए गए अभियुक्त के साथ ही एसआईटी द्वारा चिह्नित अन्य संदिग्धों के डीएनए से मिलान किया जाएगा।

इधर फारेंसिक रिपोर्ट सामने आने के बाद पटना पुलिस ने घटना की समीक्षा का हवाला देते हुए असूचना संकलन और समुचित कार्रवाई करने में विफलता के आरोप में चित्रगुप्तनगर थानेदार रोशनी कुमारी व कदमकुआं के अगर थानाध्यक्ष को निलंबित करने की बात कही।

अब सवाल उठने लगा है कि छात्रा के साथ यौन हिंसा की घटना कहां हुई? दोषी कौन? वहीं, दूसरी तरफ अब इस मामले में सीआईडी की इंट्री हो गई। रविवार को सीआईडी की टीम गर्ल्स हॉस्टल पहुंची थी। उनके साथ एसआईटी के एक-दो पुलिस पदाधिकारी भी थे।

सीआईडी करीब दो घंटे तक जांच-पड़ताल में जुटी रही। इसके बाद टीम वहां से चली गई। दोपहर बाद हॉस्टल में रहने वाली दर्जन भर से अधिक छात्राएं चित्रगुप्त नगर थाना पहुंची थीं। उनका सामान हॉस्टल में था। पुलिस टीम ने मजिस्ट्रेट की देखरेख में ताला खुलवाया और फिर छात्राएं बारी-बारी अपना सामान लेकर वहीं से चली गईं।

तो क्या थानेदार की लापरवाही से असहज हुई पटना पुलिस?

बीते छह जनवरी को छात्रा हास्टल के कमरे में बेहोश मिली थी। तब उसे एक से दूसरे और फिर तीसरे अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया था। 13 जनवरी को पटना पुलिस ने बयान जारी किया था कि छात्रा छह से दस जनवरी तक निजी अस्पताल में इलाजरत थी और 11 जनवरी को उपचार के क्रम में उसकी मृत्यु हो गई।

पटना पुलिस ने बताया था कि नौ जनवरी को घटना की सूचना चित्रगुप्त नगर थाना पुलिस को मिली थी। स्वजनों के बयान पर अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज किया। इसमें हास्टल में छात्रा के साथ गलत होने और मारपीट का आरोप लगाया गया था।

इसके बाद भी पटना पुलिस ने बयान जारी किया था कि प्रारंभिक अनुसंधान एवं चिकित्सकीय जांच में डाक्टर द्वारा यौन शोषण की कोई पुष्टि नहीं की गई है। बताया था कि युवती के कमरे में नींद की गोलियां भी मिली थीं। पुलिस बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट के ही बयान दिया।

मामला तूल पकड़ने लगा, तब मेडिकल बोर्ड द्वारा 12 जनवरी को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। उसी दिन शाम को स्वजन और स्थानीय लोग प्रदर्शन करने लगे। पुलिस की जांच पर सवाल उठने लगे। 13 जनवरी को फिर पटना पुलिस ने फिर बयान जारी कर बताया कि प्रारंभिक जांच में यौन हिंसा की पुष्टि नहीं हो रही है।

इस बार भी पुलिस बिना पोस्टमार्टम और फारेंसिक रिपोर्ट के बयान जारी कर दिया। 15 जनवरी को पटना पुलिस ने फिर से बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा से इंकार नहीं किया जा सकता है, इसका जिक्र किया गया है।

सवाल यह है कि पुलिस को आखिर ऐसी कौन सी हड़बड़ी थी, जो बिना पोस्टमार्टम और फारेंसिक रिपोर्ट के बयान पर बयान जारी करते चली गई।

पूरा घटनाक्रम

  • 5 जनवरी: छात्रा गांव से चित्रगुप्त नगर स्थित हास्टल लौटी
  • 6 जनवरी: बेहोशी की हालत में उसे निजी अस्पताल में भर्ती
  • 11 जनवरी: निजी अस्पताल में उपचार के क्रम में मौत हो गई
  • 11 जनवरी: डाक्टरों के बयान पर पुलिस बोली यौन शोषण की पुष्टि नहीं
  • 12 जनवरी: पीएमसीएच में मेडिकल बोर्ड गठन कर हुआ पोस्टमार्टम
  • 15 जनवरी: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा से इंकार नहीं
  • 15 जनवरी: गर्ल्स हास्टल के बिल्डिंग के मालिक को पुलिस ने किया गिरफ्तार
  • 16 जनवरी: गृह मंत्री सम्राट ने भी इस मामले का संज्ञान लिया
  • 16 जनवरी: डीजीपी के आदेश से एसआईटी गठित होने की जानकारी दी गई
  • 17 जनवरी: एडीजी, रेंज आईजी, एसएसपी सहित एसआईटी घटनास्थल पर
  • 25 जनवरी: फारेंसिक की बायोलाजिकल जांच में मेल स्पर्म की पुष्टि
  • 25 जनवरी: चित्रगुप्त नगर थानाध्यक्ष, कदमकुआं अपर थानाध्यक्ष निलंबित।
  • 26 जनवरी: गर्ल्स हॉस्टल में छानबीन करने पहुंची सीआईडी की टीम।

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