पटना के अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन का अकाल, टीका लगवाने दर-दर भटक रहे मरीज
राजधानी पटना के कई प्रमुख अस्पतालों में एंटी रेबीज टीके की कमी के कारण मरीज परेशान हैं और उन्हें बाहर से वैक्सीन खरीदने की सलाह दी जा रही है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
पटना के कई अस्पतालों में एंटी रेबीज टीके की कमी।
मरीजों को टीका लगवाने के लिए अस्पताल-दर-अस्पताल भटकना पड़ रहा है।
पीएमसीएच में एंटी रेबीज टीके का पर्याप्त स्टॉक मौजूद।
जागरण संवाददाता, पटना। कुत्ते या अन्य जानवर के काटने के बाद एंटी रेबीज टीका लगवाने के लिए मरीज अस्पताल-दर-अस्पताल भटक रहे हैं।
राजधानी के न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल, गर्दनीबाग अस्पताल और गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल में पिछले कई दिनों से एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
टीके की कमी के कारण मरीजों को अस्पताल से लौटाया जा रहा है और बाहर से वैक्सीन खरीदने की सलाह दी जा रही है। इससे खासकर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।
हालांकि, पीएमसीएच में एंटी रेबीज टीका पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध बताया गया है। शनिवार को गया निवासी प्रशांत कुमार एंटी रेबीज की दूसरी खुराक लेने न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल पहुंचे थे।
वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। इसके बाद वे गर्दनीबाग अस्पताल गए, लेकिन वहां भी टीका नहीं मिला।
अमित ने बताया कि पहली खुराक लेने के बाद शनिवार को निर्धारित दूसरी खुराक लेनी थी, लेकिन टीका नहीं मिलने से उन्हें वापस लौटना पड़ा।
तीन दिनों से नहीं है टीका
न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि अस्पताल में पिछले तीन दिनों से एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
रोजाना करीब 50 से 60 मरीज कुत्ते या अन्य जानवर के काटने के बाद टीका लेने पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले 150 खुराक की खेप आई थी, लेकिन वह भी समाप्त हो गई।
नई खेप आने का इंतजार है। गर्दनीबाग अस्पताल के अलावा गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल में भी कई दिनों से एंटी रेबीज टीका नहीं है।
यहां आने वाले मरीजों को भी लौटना पड़ रहा है। अस्पताल कर्मियों की ओर से कई मरीजों को बाहर से वैक्सीन खरीदने की सलाह दी जा रही है। ऐसे में मरीजों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
समय पर टीका नहीं मिला तो बढ़ सकती है परेशानी
रेबीज जानलेवा बीमारी है। संभावित संक्रमित जानवर के काटने के बाद घाव को तत्काल साबुन और बहते पानी से साफ करना और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार पोस्ट एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस (पीईपी) शुरू करना जरूरी होता है।
निर्धारित समय पर टीके की खुराक नहीं मिलने से मरीजों की चिंता बढ़ रही है। रेबीज के टीके की सामान्य अनुसूची में काटने के दिन पहली खुराक के बाद चिकित्सक की सलाह के अनुसार आगे की खुराक निर्धारित अंतराल पर दी जाती है।
ऐसे में अस्पतालों में टीके की नियमित उपलब्धता जरूरी है। पीएमसीएच में फिलहाल पर्याप्त स्टाक होने से वहां मरीजों को राहत मिल रही है।
यह भी पढ़ें- पेशाब रुक-रुककर या कम आए तो सावधान, पटना में विशेषज्ञों ने बताया कब इसे मानें इमरजेंसी
