पेशाब रुक-रुककर या कम आए तो सावधान, पटना में विशेषज्ञों ने बताया कब इसे मानें इमरजेंसी
पेशाब संबंधी समस्याओं जैसे जलन, रुक-रुककर आना या कम होने को नजरअंदाज न करें, ये किडनी की पथरी या प्रोस्टेट जैसी गंभीर बीमारियों के संकेत हो सकते हैं।

बिहार यूरोलाॅजी सोसायटी के 12वें कांफ्रेंस का शुभारंभ करते अतिथि। सौ. सोसायटी
HighLights
पेशाब संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज न करें, हो सकते हैं गंभीर संकेत।
किडनी पथरी, कैंसर, प्रोस्टेट के आधुनिक उपचार पर विशेषज्ञों ने चर्चा की।
शुरुआती जांच, पर्याप्त पानी, कम नमक सेवन की सलाह दी गई।
जागरण संवाददाता, पटना। पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब लगना, पेशाब रुक-रुककर आना या कम होना जैसी समस्याओं को सामान्य मानकर लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कई बार ये लक्षण किडनी की पथरी, मूत्र संक्रमण, प्रोस्टेट की बीमारी या मूत्र तंत्र से जुड़ी दूसरी गंभीर समस्या के संकेत हो सकते हैं। ये बातें बिहार यूरोलाॅजी सोसायटी ऑफ इंडिया के 12वें वार्षिक कांफ्रेंस में विशेषज्ञों ने कहीं।
आयोजन अध्यक्ष सह पीएमसीएच यूरोलाॅजी विभागाध्यक्ष डाॅ. दिनेश कुमार दास ने बताया कि किडनी की पथरी, किडनी कैंसर, प्रोस्टेट और मूत्र तंत्र से संबंधित बीमारियों के उपचार में आधुनिक तकनीकों से मरीजों को काफी लाभ मिल रहा है।
पथरी से लेकर कैंसर तक के आधुनिक उपचार पर चर्चा
पथरी के मरीजों को पानी की पर्याप्त मात्रा लेने, अत्यधिक नमक से बचने और बार-बार पथरी होने पर चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी गई।
उन्होंने कहा कि तेज कमर दर्द, पेशाब में खून या बुखार के साथ पेशाब संबंधी परेशानी होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पथरी के उपचार में आधुनिक तकनीक
IGIMS के यूरोलाॅजी आपरेशन थिएटर में काठमांडू से आए डाॅ. संजय खरगी ने छोटे छेद से किडनी की पथरी तोड़ने की आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन किया।
विशेषज्ञों ने बताया कि पथरी के आकार, स्थान और मरीज की स्थिति के आधार पर उपचार की विधि तय की जाती है। हर मरीज में ऑपरेशन जरूरी नहीं, लेकिन बड़ी पथरी या लगातार परेशानी होने पर विशेषज्ञ की सलाह आवश्यक है।
अहमदाबाद से आए डाॅ. जमाल रिजनी ने लेप्रोस्कोपी विधि से किडनी कैंसर की सर्जरी का प्रदर्शन किया। डाॅ. दिनेश कुमार दास ने बताया कि पेशाब में खून आना, लगातार कमर या पेट में दर्द, वजन कम होना जैसे लक्षण दिखने पर जांच कराना जरूरी है। शुरुआती चरण में बीमारी की पहचान होने से उपचार के विकल्प बेहतर रहते हैं।
बुजुर्गों में प्रोस्टेट की समस्या पर ध्यान जरूरी
उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में प्रोस्टेट बढ़ने की समस्या आम है। बार-बार पेशाब लगना, रात में कई बार उठना, पेशाब शुरू करने में परेशानी या धार कमजोर होना इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं।
ऐसे लक्षणों को उम्र का सामान्य प्रभाव मानकर छोड़ने के बजाय यूरोलाजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए। कोलकाता से आए डाॅ. सुनील मल चौधरी ने सीएनएल सर्जरी की जानकारी दी।
कार्यक्रम में आइजीआइएमएस के पूर्व विभागाध्यक्ष डाॅ. राजेश तिवारी, डाॅ. विजय कुमार सहित अन्य विशेषज्ञों ने यूरोलाॅजी से जुड़ी विभिन्न बीमारियों और उनके उपचार पर चर्चा की।
कार्यक्रम में बिहार यूरोलाॅजिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डाॅ. महेंद्र प्रसाद सिंह, डाॅ. अजय कुमार, पीएमसीएच प्राचार्य डाॅ. गीता सिन्हा और डाॅ. शैलेश कुमार सिन्हा समेत अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।
मरीजों के लिए विशेषज्ञों की सलाह
- पेशाब में खून आए तो तत्काल चिकित्सकीय सलाह लें।
- बार-बार पथरी होने पर कारणों की जांच कराएं।
- पेशाब रुकने या बहुत कम होने की स्थिति को आपात स्थिति मानें।
- पुरुषों में बढ़ती उम्र के साथ पेशाब संबंधी बदलावों की जांच कराएं।
- पर्याप्त पानी पिएं और अत्यधिक नमक का सेवन कम करें।
- बिना चिकित्सकीय सलाह के दर्द की दवा या एंटीबायोटिक का लंबे समय तक सेवन न करें।
