पटना पार्कों की बदहाली पर हाई कोर्ट सख्त, नगर निगम अफसर को फटकार; कहा- परिणाम भुगतने को तैयार रहें
पटना हाईकोर्ट ने पार्कों की बदहाली और वैशाली गोलंबर के आसपास बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर नगर निगम व पुलिस प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है।

पटना हाई कोर्ट
HighLights
हाईकोर्ट ने पटना पार्कों की बदहाली पर नगर निगम को फटकारा।
वैशाली गोलंबर पर बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर पुलिस को निर्देश।
अधिकारियों को कार्यप्रणाली सुधारने और सफाई सुनिश्चित करने को कहा।
विधि संवाददाता, पटना। पटना के पार्कों की बदहाली और वैशाली गोलंबर के आसपास लगातार हो रही आपराधिक गतिविधियों को लेकर पटना हाईकोर्ट ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है।
न्यायाधीश राजीव राय ने न्यू कैपिटल सर्किल के कार्यपालक पदाधिकारी पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने पार्क के ठीक से संचालित होने की बात अदालत के समक्ष कही थी, जबकि संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट ने पार्क की वास्तविक स्थिति सामने ला दी।
अदालत ने कहा कि अधिकारी ने अदालत के समक्ष गलत बात रखकर अवमानना की स्थिति पैदा कर ली है। कोर्ट ने उन्हें अपनी कार्यप्रणाली सुधारने और अपने अधीन आने वाले पार्कों की सफाई सुनिश्चित करने का मौका दिया है।
साथ ही स्पष्ट किया कि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी को परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।
वैशाली गोलंबर के आसपास 22 आपराधिक मामले दर्ज
वैशाली गोलंबर पार्क और उसके आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कदमकुआं थानाध्यक्ष की ओर से अदालत में हलफनामा दाखिल किया गया। इसमें एक जनवरी से 31 जुलाई 2026 के बीच दर्ज 22 आपराधिक मामलों का विवरण दिया गया है।
इनमें चेन झपटमारी के तीन, मोटरसाइकिल और ई-रिक्शा चोरी के तीन तथा एनडीपीएस और उत्पाद अधिनियम से जुड़े आठ-आठ मामले शामिल हैं।
अदालत ने कहा कि हलफनामे में अपराध की तारीख तो बताई गई है, लेकिन लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए सुधारात्मक कदमों का कोई विवरण नहीं दिया गया।
संयुक्त निरीक्षण में सामने आई पार्क की बदहाल तस्वीर
28 अगस्त को अदालत के निर्देश पर किए गए संयुक्त निरीक्षण में गांधी मैदान के गेट नंबर-10 के पास स्थित सर शिव सागर रामगुलाम पार्क की स्थिति सामने आई। निरीक्षण के दौरान सुबह करीब 11:30 बजे चार-पांच नगर निगम कर्मचारी सफाई करते मिले।
रिपोर्ट के अनुसार, पार्क के भीतर कचरा रखा हुआ था। एक छोटे गड्ढे में बासी मल पड़ा मिला, जबकि दूसरे गड्ढे में काई से भरा ठहरा हुआ हरा पानी था। निरीक्षण दल ने पार्क के कुछ हिस्से की सफाई अब भी बाकी होने की बात कही।
वीडियो क्लिप को अविश्वसनीय मानने का कारण नहीं
संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट में अदालत के समक्ष पेश की गई वीडियो क्लिप पर भी टिप्पणी की गई। निरीक्षण दल ने कहा कि वीडियो क्लिप को अविश्वसनीय मानने का कोई कारण नहीं है। इससे पार्क की वास्तविक स्थिति को लेकर अदालत के सामने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए।
अदालत ने नगर निगम अधिकारी को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने और उनके अधीन आने वाले पार्कों की सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने संकेत दिया कि आगे भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जा सकता है।
24 घंटे CCTV कवरेज का ब्लू-प्रिंट देने का निर्देश
पटना हाईकोर्ट ने कदमकुआं थानाध्यक्ष को चेन झपटमारी और चोरी की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों का विस्तृत ब्योरा देने को कहा।
साथ ही वैशाली गोलंबर पार्क और उसके आसपास 24 घंटे सीसीटीवी कवरेज सुनिश्चित करने के लिए ब्लू-प्रिंट तैयार कर सिटी एसपी को देने का निर्देश दिया।
क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था के लिए नगर निगम और बिजली विभाग की मदद लेने को भी कहा गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि आपराधिक गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद थाना स्तर से प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो प्रतिकूल आदेश की स्थिति बन सकती है और इसके लिए संबंधित अधिकारी जवाबदेह होंगे।
9 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
अदालत ने सुरक्षा और सफाई व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।
