पटना, जेएनएन। पटना हाईकोर्ट ने 2009 के विज्ञापन के तहत सिपाहियों के रिक्त पदों पर आठ सप्ताह के भीतर बहाली प्रक्रिया पूरी करने का आदेश डीजीपी को दिया है। साथ ही पटना हाईकोर्ट ने राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कालेज अस्पतालों में डॉक्टरों के रिक्त पदों पर जल्द बहाली का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने डॉक्टरों के रिक्त पदों हेतु की जा रही कार्रवाइयों का ब्योरा तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश संजय करोल की खंडपीठ ने विकास चंद्र उर्फ  गुड्डू बाबा व अन्य की जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सोमवार को यह आदेश दिया।

राज्य सरकार की तरफ  से स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने कोर्ट को राज्य के  सरकारी मेडिकल कॉलेज समेत सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के स्वीकृत पदों का पूरा ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग में लगभग 14 हजार डॉक्टरों के पद हैं, जिसमें  हजारों पद रिक्त हैं। इन्हें भरने प्रक्रिया शीघ्र आरंभ होगी।

कोर्ट ने सरकारी अस्पतालों में हुए अतिक्रमण को हटाने का भी  आदेश दिया। कोर्ट ने सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं के संबंध में भी पूरी जानकारी अगली सुनवाई में पेश करने का निर्देश दिया है। अब मामले की सुनवाई अगले वर्ष 6 जनवरी  को होगी।

हाईकोर्ट ने सिपाही भर्ती जल्द से जल्द करने का दिया आदेश 

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल तथा न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। इसके पूर्व आवेदकों के वकील राजीव कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट ने 12अगस्त, 2014 को अपने आदेश में कहा था कि 10 हजार 110 सिपाही उम्मीदवारों की बहाली के लिए जो रिजल्ट 18 दिसंबर,2010 को जारी किया गया था, उसमें सुधार किया जाए।

अदालती आदेश के बाद रिजल्ट में सुधार किया गया। सुधार के बाद सफल उम्मीदवारों की संख्या 13 हजार 468 हो गयी, लेकिन इनकी अब तक बहाली नहीं की गई। कोर्ट ने राज्य के डीजीपी को तय समय सीमा के भीतर बहाली प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया। साथ ही कहा कि अदालती आदेश का पालन नहीं किये जाने पर अधिकारी अवमानना के दोषी समझे जाएगे। इसके साथ ही कोर्ट ने इस मामले को निष्पादित कर दिया।

Posted By: Kajal Kumari

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