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पटना हाई कोर्ट सख्त: सड़क ऊंची कर घरों को नीचे नहीं धकेल सकते, नई परत से पहले होगा लेवल-ड्रेनेज का सर्वे

Published: Wed, 16 Sep 2026 08:27 PM (IST)

पटना हाई कोर्ट ने सड़कों की ऊंचाई मनमाने ढंग से बढ़ाने पर सख्त रुख अपनाया है, जिससे जलजमाव की समस्या बढ़ती है और आसपास के घर नीचे हो जाते हैं।

पटना हाई कोर्ट

पटना हाई कोर्ट 

HighLights

  1. सड़क ऊंचाई बढ़ाने से जलजमाव, घरों के नीचे होने की समस्या।

  2. निर्माण पूर्व सड़क, भवनों, जल निकासी का विस्तृत सर्वे अनिवार्य।

  3. पुरानी परत हटाकर नई सड़क, एसओपी पालन का निर्देश।

विधि संवाददाता,पटना। शहरों में सड़क की ऊंचाई बढ़ाकर जलजमाव की समस्या दूर करने के तरीके पर पटना हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण के दौरान उसका स्तर मनमाने तरीके से बढ़ाने से आसपास के घर, दुकान और गलियां नीचे हो जाती हैं और बारिश का पानी घरों में घुसने की समस्या बढ़ सकती है।

28 जुलाई 2026 के आदेश में तत्कालीन कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश सुधीर सिंह और न्यायाधीश राजेश कुमार वर्मा की खंडपीठ ने पटना जिले में सड़क निर्माण के दौरान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया था।

ईस्ट पटेल नगर की सड़क से उठा मामला

मामला पटना के ईस्ट पटेल नगर स्थित रोड नंबर-3 से जुड़ा था। राजीव रंजन कुमार की लोकहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि सड़क निर्माण और मरम्मत के दौरान उसका स्तर आसपास की जमीन से छह से 12 इंच तक बढ़ा दिया गया।

इससे सड़क किनारे के घर और परिसर नीचे हो गए और जलजमाव की समस्या बढ़ गई। याचिका में सड़क को पुराने स्तर पर लाने और निर्माण में हुई अनियमितता की जांच की मांग की गई थी।

सड़क बनाने से पहले होगा पूरा सर्वे

सुनवाई के दौरान सड़क निर्माण विभाग की ओर से तैयार एसओपी कोर्ट के सामने पेश की गई। इसमें निर्माण से पहले सड़क की मौजूदा ऊंचाई, आसपास के भवनों, गलियों और जल निकासी व्यवस्था का सर्वे करने का प्रावधान है।

सड़क का स्तर तय करते समय यह भी सुनिश्चित करना होगा कि वह आसपास के घरों और परिसरों से अनावश्यक रूप से ऊंची न हो।

जलनिकासी को लेकर भी तय हुई व्यवस्था

एसओपी में सड़क को केवल ऊंचा करने के बजाय जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने पर जोर दिया गया है।

यानी निर्माण एजेंसियों को सड़क की ऊंचाई बढ़ाने से पहले आसपास के क्षेत्र में पानी की निकासी और मौजूदा स्तर का आकलन करना होगा।

पुरानी सड़क पर सीधे नई परत नहीं

नई सड़क की परत बिछाने से पहले पुरानी सड़क की ऊपरी परत को आवश्यक मोटाई तक हटाने का भी प्रावधान किया गया है।

इसका उद्देश्य सड़क की अंतिम ऊंचाई को लगातार बढ़ने से रोकना है, ताकि हर बार मरम्मत के नाम पर सड़क ऊंची होती न जाए और आसपास के घर निचले स्तर पर न चले जाएं।

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