हाईकोर्ट में अपील लंबित, फिर भी SP पर कार्रवाई, रोहतास ट्रायल कोर्ट से रिकॉर्ड तलब
पटना हाईकोर्ट ने अपील लंबित रहने के दौरान ट्रायल अदालत द्वारा की गई कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ...और पढ़ें

पटना हाईकोर्ट ने की गंभीर टिप्पणी।
HighLights
पटना हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेशों पर गंभीर सवाल उठाए।
अपील लंबित होने के बावजूद ट्रायल कोर्ट ने कई आदेश पारित किए।
रोहतास के प्रधान न्यायाधीश से पूरी रिपोर्ट और अभिलेख तलब।
विधि संवाददाता, पटना। पटना हाईकोर्ट ने अपील लंबित रहने के दौरान ट्रायल अदालत की ओर से की गई कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
रोहतास के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को आपराधिक अवमानना के मामले में दोषी ठहराने और जुर्माना लगाने से जुड़े प्रकरण में हाईकोर्ट ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश से पूरी रिपोर्ट और संबंधित अभिलेख तलब की है।
अदालत ने मौजूदा स्थिति को असाधारण बताते हुए कहा कि ऐसे मामले में प्रक्रियागत शुचिता बनाए रखना आवश्यक था। न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद और न्यायाधीश सुनील दत्त मिश्रा की खंडपीठ ने रितेश शर्मा की आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।
2023 के फैसले से जुड़ा है मामला
मामला सत्र विचारण संख्या 95/2023 में पारित फैसले से जुड़ा है। ट्रायल अदालत ने कथित रूप से झूठी गवाही देने के आरोप में पीड़िता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया था।
बाद में तत्कालीन एसपी के विरुद्ध निर्देश का पालन नहीं करने के आरोप में आपराधिक अवमानना की कार्रवाई की गई और जुर्माना लगाया गया।
राज्य के महाधिवक्ता एसडी संजय ने खंडपीठ को बताया कि ट्रायल अदालत के फैसले के खिलाफ अपील पहले से हाईकोर्ट में लंबित थी और संबंधित अभिलेख भी यहां मंगाए जा चुके थे।
रोहतास के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश से मांगा अभिलेख
इसके बावजूद ट्रायल अदालत ने अगस्त और सितंबर 2026 में कई आदेश पारित किए। महाधिवक्ता ने दलील दी कि झूठे साक्ष्य से संबंधित अपराध में कानून के तहत संबंधित अदालत की लिखित शिकायत के बिना संज्ञान नहीं लिया जा सकता।
खंडपीठ ने कहा कि वह इस चरण पर मामले में कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं करना चाहती। अदालत ने रोहतास के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश से आपराधिक विविध वाद संख्या 82/2026 में पारित सभी आदेशों और दस्तावेजों सहित पूरा अभिलेख मांगा है।
अदालत ने अपील और इससे जुड़ी अन्य अपीलों को 25 नवंबर 2026 को शीर्ष पांच मामलों में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।
