पटना, जेएनएन। पटना में एक अधिकारी की बेटी के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना को लेकर शुक्रवार को दिनभर पटना में नारेबाजी और प्रदर्शन का दौर जारी रहा। बता दें कि गुरुवार को एक कॉलेज में पढ़ने वाली 20 वर्षीय छात्रा के साथ चार युवकों ने चाकू की नोंक पर सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। जिसके बाद पीड़िता ने महिला थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।  एफआइआर में विपुल सिंह, मनीष सिंह, पालीगंज के अमन भूमि, छपरा के अश्विनी सिंह राजपूत काे आराेपी बनाया गया है।

चाकू की नोंक पर किया सामूहिक दुष्कर्म

सामूहिक दुष्कर्म की पीडि़त छात्रा ने चार पन्नों की तहरीर में पूरी कहानी लिखी है। साथ ही उसने सभी आरोपितों को पहचानने का दावा करते हुए उनके मोबाइल नंबर भी दिए हैं। 

छात्रा ने लिखा कि जब वह नेहरू नगर स्थित मकान के ग्राउंड फ्लोर पर बने अवन भूमि के कमरे में गई तो वहां आरोपितों ने चाकू दिखाकर वीडियो वायरल करने की धमकी दी। इसके बाद उसे कमरे में बंद कर दिया। तब उसने मोबाइल से नौकरानी को कॉल कर बताया कि कुछ लोगों ने उसे गलत इरादे से कमरे में बंद कर दिया है।

इतने में आरोपित आए और उसके हाथ से मोबाइल छीनकर स्विचऑफ कर दिया। फिर चाकू का भय दिखा व वीडियो वायरल करने की धमकी देकर चारों अभियुक्तों ने बारी-बारी से गंदा काम किया। आरोपितों ने चाकू दिखाकर धमकी दी कि अगर यह बात उसने किसी को बताई तो उसके साथ-साथ भाई की भी हत्या कर देगें।

छात्रा ने लिखा है कि वह काफी भयभीत हो गई थी, लेकिन हल्ला भी कर रही थी। शाम चार बजे हल्ला करने पर आरोपित कमरा छोड़कर भाग गए। इसके बाद वह घर लौट गई। डर और शर्म के कारण पिता को आपबीती नहीं सुना सकी। घर की नौकरानी ने घटना के बारे में उसके पिता को बताया। नौ दिसंबर की रात 8:26 बजे छात्रा ने प्राथमिकी दर्ज करने का आवेदन दिया।

मां ने छह साल पहले बेटी का यौन शोषण करने के आरोप में पति को भिजवाया था जेल

स्नातक की छात्रा से प्रेमी और उसके तीन दोस्तों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म के मामले में नई जानकारी मिली है। पीडि़त छात्रा बिहार सरकार में बड़े पद पर काबिज एक अफसर की बेटी है। उसकी मां ने बेटी का यौन शोषण करने के आरोप में पति को जेल भिजवाया था। तब छात्रा नाबालिग थी। उस वक्त वह शहर के एक नामी स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही थी। हालांकि, इस मामले में बाद में समझौता हो गया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 13 अप्रैल 2013 को महिला थाने में अधिकारी के खिलाफ उनकी पत्नी ने लंबे समय से बेटी का यौन शोषण करने का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने अधिकारी को उनके घर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कुछ महीने बाद मामले में समझौता हो गया। महिला थाना पुलिस की मानें तो छात्रा की मां अब उसके साथ नहीं रहती। वह पाटलिपुत्र स्थित घर पर पिता के साथ रहती हैं।

सामूहिक दुष्कर्म मामले में दर्ज प्राथमिकी में छात्रा ने लिखा कि घटना के कुछ घंटे तक उसने मामले को दबाए रखा। इस बारे में एक लड़की को उसने बताया था। उसी लड़की ने उसके पिता को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पाटलिपुत्र थाना और सिटी एसपी को कॉल किया। पाटलिपुत्र थाना पुलिस ने जब उससे संपर्क किया तो छात्रा घर पर थी।

साजिश के तहत वारदात को दिया गया अंजाम

छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म करने की साजिश दो दिन पहले ही तैयार की गई थी। इसका पता तब चला, जब पुलिस ने उस नाबालिग को गिरफ्तार किया, जिसके कमरे पर वारदात को अंजाम दिया गया था। उसने पुलिस को बताया कि विपुल ने दो दिन पहले ही कहा था कि तुम्हारे कमरे पर मेरी गर्लफ्रेंड और कुछ दोस्त आएंगे। हम लोग मौज-मस्ती करेंगे। विपुल ने छात्रा को कॉलेज के बाहर बाइक पर बिठाया।

रास्ते में उसने गर्भनिरोधक का पैकेट खरीदा और कमरे पर चला गया। अस्पताल सूत्रों की मानें तो छात्रा से शारीरिक संबंध बनाने की पुष्टि हुई है। लेकिन, वीर्य नहीं मिले हैं। कयास है कि दुष्कर्म के दौरान आरोपितों ने निरोध का इस्तेमाल किया था।

अवन ने सिगरेट से जला दिया था छात्रा का हाथ

सामूहिक दुष्कर्म की पीडि़ता ने कोर्ट में दिए गए बयान में अवन भूमि पर सिगरेट से हाथ जलाने का आरोप लगाया है। बयान में कहा कि अवन जब उसके साथ गलत हरकत कर रहा था, तब उसने विरोध किया। इस पर अवन ने सिगरेट से उसका दायां हाथ जला दिया।

उसे वीडियो डिलीट करने के बहाने से नेहरू नगर स्थित हरिशंकर निवास मकान नंबर 73 में लाया गया था। विपुल के बारे में उसने बताया कि वह कॉलेज में साथ पढ़ता था। इसी दरम्यान विपुल ने उसके साथ दुष्कर्म किया था और वीडियो बनाया था।

 

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