डीजल-पेट्रोल की कमी महज अफवाह, बिहार के सभी पंपों पर ईंधन की सप्लाई सामान्य
पेट्रोलियम कंपनियों ने बिहार में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों को गलत बताया है, पुष्टि करते हुए कि आपूर्ति सामान्य ...और पढ़ें

बिहार में डीजल-पेट्रोल की कोई कमी नहीं। फाइल फोटो

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, पटना। देश में पेट्रोल और डीजल की कमी की चल रही अफवाहों के बीच पेट्रोलियम कंपनियों ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। इंडियन आयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति निर्बाध जारी है।
पेट्रोलियम कंपनियों के आंकड़ों के अनुसार, बिहार में अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के बीच प्रदेश में कुल 23,27,482.6 मीट्रिक टन डीजल की खपत हुई।
इसमें आइओसीएल से 12,30,345.2 मीट्रिक टन, बीपीसीएल से 6,34,840.5 मीट्रिक टन और एचपीसीएल से 4,62,297 मीट्रिक टन डीजल की आपूर्ति हुई।
इसी अवधि में 11,17,114.4 मीट्रिक टन पेट्रोल की खपत दर्ज की गई। इसमें आइओसीएल से 5,89,306.1 मीट्रिक टन, बीपीसीएल से 3,07,824.9 मीट्रिक टन और एचपीसीएल से 2,19,983.3 मीट्रिक टन पेट्रोल की आपूर्ति हुई।
वहीं, फरवरी 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो एक महीने में 1,89,113.68 मीट्रिक टन डीजल की खपत हुई। इसमें आइओसीएल से 97,205.41 मीट्रिक टन, बीपीसीएल से 54,472.06 मीट्रिक टन और एचपीसीएल से 37,436.21 मीट्रिक टन डीजल की आपूर्ति की गई।
पेट्रोल की खपत फरवरी 2026 में 96,383.97 मीट्रिक टन रही। इसमें सबसे अधिक आइओसीएल से 50,247.70 मीट्रिक टन, बीपीसीएल से 27,678.80 मीट्रिक टन और एचपीसीएल से 18,457.48 मीट्रिक टन पेट्रोल की आपूर्ति हुई।
पेट्रोलियम उद्योग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पर्याप्त है और पंपों पर किसी तरह की किल्लत नहीं है।
लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि सभी कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर ईंधन की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।
बुकिंग नहीं, आपूर्ति के समय लागू दर देय होगी
घरेलू रसोई गैस सिलिंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। घरेलू रसोई गैस सिलिंडर की कीमत 951 रुपये से बढ़कर अब 1011 रुपये हो गई है। कीमत बढ़ने के बाद गैस एजेंसियों की ओर से कैश आन डिलीवरी और ऑनलाइन भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं से भी बढ़ी हुई राशि ही ली जा रही है।
पटेल नगर निवासी मनोज कुमार ने बताया कि शुक्रवार को उन्होंने आनलाइन 951 रुपये भुगतान कर गैस सिलिंडर बुक किया था, अब शनिवार को 60 रुपये ज्यादा देने को कहा गया है। उपभोक्ताओं ने बताया कि बुकिंग पहले की होने के बावजूद अपूर्ति के समय नई कीमत के अनुसार भुगतान करना पड़ रहा है।
पेट्रोलियम कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि गैस सिलिंडर की कीमत बुकिंग के समय नहीं, बल्कि आपूर्ति के समय लागू दर के आधार पर तय होती है। यानी जिस दिन सिलिंडर उपभोक्ता को दिया जाता है, उसी दिन की कीमत प्रभावी होती है।
अधिकारियों के अनुसार तेल विपणन कंपनियां समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, परिवहन लागत और अन्य कारकों को देखते हुए एलपीजी की कीमतों में संशोधन करती हैं।
इसी क्रम में इस बार 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलिंडर के दाम में 60 रुपये की वृद्धि की गई है। पटना में कीमत बढ़ने के बाद उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार महंगाई के बीच रसोई गैस की कीमत बढ़ने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
