जागरण संवाददाता, पटना : सत्य की असत्य पर और अंधकार पर उजाले के विजय का प्रतीक विजय दशमी का पर्व बुधवार को राजधानी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पटना के गांधी मैदान में मुख्य समारोह का आयोजन किया गया। इसमें सीएम नीतीश कुमार, वित्त मंत्री विजय चौधरी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा समते कई गणमान्य लोग मौजदू रहे। श्री श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस रावण दहन कार्यक्रम में सबसे पहले आयोजकों द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का स्वागत पुष्प गुच्छ, धार्मिक पुस्तक, अंग वस्त्र देकर एवं पाग पहनाकर किया गया। मुख्यमंत्री ने गुब्बारा उड़ाकर राज्य में शांति एवं सौहार्द्र कायम रखने का संदेश दिया।। राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों से भ्रमण के बाद श्रीराम एवं लक्ष्मण की झांकी गांधी मैदान पहुंची। झांकी के आगमन के बाद सीएम नीतीश कुमार भगवान श्रीराम एवं लक्ष्मण की आरती उतारी। मुख्यमंत्री के आरती करने के बाद रावण वध की शुरुआत हुई। 70 फीट के रावण का पुतला दहन किया गया। इसी के साथ 65 फीट का मेघनाथ एवं 60 फीट का कुंभकरण का पुतला भी जलाया गया। 

तेज हवा से मैदान पर धराशाई हुआ रावण का पुतला

पटना के गांधी मैदान में रावण वध के मुख्य समारोह से पहले बुधवार को हादसा हो गया। तेज हवा चलने के कारण जलने से पहले ही रावण का 70 फीट ऊंचा विशाल पुतला जमीन पर गिर गया। पुतले के गिरते ही वहां अफरातफरी का माहौल बन गया। गनीमत यह रही कि जहां पुतला गिरा वहां कोई नहीं था। तुरंत क्रेन को बुलाकर पुतले को वापस उठाया गया। 

दो मंजिले की सोने की लंका रही आकर्षण में

इस वर्ष गांधी मैदान में बनने वाली सोने की लंका दो मंजिला रही। लंका को भव्य तरीके से सजाया गया था। लंका के अंदर ही अशोक वाटिका का निर्माण किया गया था, अशोक वाटिका में माता सीता को बैठाया गया था। सोने की लंका दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रही। 

Edited By: Akshay Pandey

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