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पटना के सभी पूजा पंडालों में खुले मां दुर्गा के पट, सप्तमी पर दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

Published: Sat, 17 Oct 2026 08:21 AM (IST)

पटना में दुर्गापूजा के अवसर पर सभी पूजा पंडालों में मां दुर्गा के पट खुल गए हैं, जहां सप्तमी पर ...और पढ़ें

पटना के सभी पूजा पंडालों में मां दुर्गा के पट खोल दिए गए।

पटना के सभी पूजा पंडालों में मां दुर्गा के पट खोल दिए गए।

HighLights

  1. पटना में दुर्गापूजा के पंडालों में खुले मां दुर्गा के पट।

  2. सप्तमी पर मां के दर्शन को उमड़ी भक्तों की भारी भीड़।

  3. बंगाली विधि से हो रही पूजा-अर्चना और विशेष अनुष्ठान।

डिजिटल डेस्क, पटना। दुर्गापूजा को लेकर पटना के सभी पूजा पंडालों में मां दुर्गा के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। सप्तमी के अवसर पर मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। बंगाली अखाड़ा, पटना कालीबाड़ी और गर्दनीबाग समेत विभिन्न पूजा पंडालों में बांग्ला विधि से पूजा-अर्चना की जा रही है। श्रद्धालु मां दुर्गा को पुष्पांजलि अर्पित कर सुख-समृद्धि, शांति और ऐश्वर्य की कामना कर रहे हैं।

बंगाली अखाड़ा और कालीबाड़ी में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

बांग्ला विधि से पूजा होने वाले पंडालों में मां के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्त पहुंच रहे हैं। शुक्रवार सुबह 9.41 बजे मां कात्यायनी की पूजा की गई थी।

बंगाली अखाड़ा, गर्दनीबाग, पटना कालीबाड़ी और सीडीएम बिल्डिंग के नजदीक न्यू रेलवे कॉलोनी समेत कई स्थानों पर बोधन की रस्म हुई। लौंग और धूप से पूजा के बाद ढाक की थाप और धुनुची नृत्य के बीच मां की आरती की गई। शाम को भी आरंभण और अधिवास की पूजा हुई।

सप्तमी पर नवपत्रिका प्रवेश और प्राण प्रतिष्ठा

बंगाली अखाड़ा के सचिव के अनुसार, सप्तमी के अवसर पर नवपत्रिका प्रवेश और पूजा का विशेष महत्व है। इसी क्रम में मां दुर्गा की प्रतिमा में प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान किया जाता है।

नवपत्रिका प्रवेश की रस्म में केले के पौधे को गंगा स्नान कराया जाता है। स्नान के बाद उसे लाल पार वाली साड़ी पहनाई जाती है। बंगाली परंपरा में इसे ‘कलाबोउ’ कहा जाता है और भगवान गणेश के साथ स्थापित किया जाता है।

महाआरती और पुष्पांजलि में शामिल हो रहे श्रद्धालु

मां दुर्गा की प्राण प्रतिष्ठा के बाद महाआरती और पुष्पांजलि के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। बांग्ला विधि से होने वाली पूजा में बोधन, नवपत्रिका प्रवेश और आरती जैसे अनुष्ठानों का विशेष महत्व है।

सप्तमी पर श्रद्धालु मां के चरणों में पुष्प अर्पित कर परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। पूजा पंडालों में धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भक्तिमय माहौल बना हुआ है।

मां कात्यायनी के दर्शन के लिए मंदिरों में भी पहुंचे भक्त

पटना के विभिन्न मंदिरों में भी दुर्गापूजा को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है। अगमकुआं स्थित शीतला माता मंदिर, पटना सिटी की बड़ी और छोटी पटनदेवी, गोलघर स्थित अखंडवासिनी मंदिर और मां सिद्धेश्वरी देवी मंदिर समेत अन्य मंदिरों में भक्त पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु मां के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना कर रहे हैं।

गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में बेल वृक्ष के पास हुआ मां का आह्वान

गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में शुक्रवार को अश्विनी षष्ठी तिथि पर बेल वृक्ष के पास मां दुर्गा का आह्वान किया गया। इसके बाद दुर्गा दरबार के पट खोले गए और आरती की गई।

पट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। अब सप्तमी के अवसर पर सभी पूजा पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है। पटना में दुर्गोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

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