पटना, जितेंद्र कुमार। कोरोना वायरस ने सैकड़ों लोगों की जान ली तो हजारों लोगों को बेसहारा भी कर दिया है। ऐसे ढेरों लोग हैं, जिनके घर का इकलौता कमाने वाला सदस्‍य इस वायरस का शिकार हो गया। पारिवारिक कलह से बचने के लिए घर छोड़कर किराये के मकान में पति-पत्नी रहते थे। कोरोना से पति की मौत हो गई। कोई सहारा देने वाला नहीं है। मेरी मां की मौत अस्पताल में कोरोना से हो गई। पूरी कमाई अस्पताल को दे दी। अब तक पोर्टल पर मृतक की सूची में नाम दर्ज नहीं हुआ है। कोरोना से मौत की पीड़ा स्वजन कुछ इस तरह फोन पर सुना रहे हैं। पटना जिला प्रशासन द्वारा जारी नंबर पर देश भर से काल आ रहे हैं। अब तक फोन पर 558 और वाट्स-एप पर 225 लोगों की मौत की सूचना दर्ज की गई है।

पीडि़त ऐसे बयां कर रहे दास्तां

हेलो! यह पटना जिला कोरोना आपदा का नंबर है? मैं पटना में कदमकुआं का निवासी हूं। कोरोना से पीडि़त अपने पिता को इलाज के लिए दिल्ली लाया था, लेकिन मौत हो गई है। मुआवजा के लिए क्या करना है? जवाब मिलता है : मृतक का नाम क्या है..., पूरा पता बताइए। कोरोना पाजिटिव कब हुए थे। मौत की तारीख क्या है? किस अस्पताल में मौत हुई है? आपका मृतक से क्या संबंध है? मोबाइल नंबर बताइए। मोबाइल नंबर पर आपको काल जाएगा। कागजात में आधार नंबर, कोरोना पाजिटिव रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र और आश्रित होने का दस्तावेज मांगा जाएगा।

चार लाख रुपए मुआवजा दे रही बिहार सरकार

कोराना से मौत पर आश्रित को बिहार सरकार ने चार लाख रुपये मुआवजा देने का निर्णय लिया है। पटना जिला प्रशासन ने आश्रित को भागदौड़ से बचने के लिए 26 मई को फोन नंबर (0612-2219090) पर जानकारी दर्ज कराने की व्यवस्था शुरू की थी। स्मार्ट फोन का उपयोग करने वालों को वाट्स-एप नंबर (9430244559) पर मृतक के बारे में विस्तृत जानकारी भेजने की सुविधा दी गई है।

दूसरे प्रदेश से भी संपर्क

बिहार के विभिन्न शहरों और गांव से  पटना जिला कोरोना कंट्रोल रूम में ऐसे काल आ रहे हैं। पीडि़त कहते हैं कि पिता को बीमार होने पर पटना से इलाज के लिए दिल्ली लेकर चला आया था। यहां अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मुआवजा राशि के लिए क्या करना होगा। मैंने जहानाबाद से अपने पिता को लेकर पटना राजेश्वर अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान मौत हो गई। मेरे पति की कोरोना से मौत हो गई है। कोई संतान भी नहीं है। ससुराल वालों ने मेरे पति का मृत्यु प्रमाण-पत्र ले लिया है। डर है कि मुआवजा का पैसा वे न निकाल लें।

जानिए अधिकारी ने क्‍या कहा

पटना के डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि कोरोना से मौत के संबंध में फोन अथवा वाट्स-एप पर दी जाने वाली जानकारी प्रतिदिन तैयार कर सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी जा रही है। सूचना दर्ज कराने के सात दिनों के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश दिया गया है। अब तक आपदा विभाग से पटना जिले के 752 लोगों की सूची प्राप्त हुई थी, जिसमें 362 आश्रितों के बैंक खाते में भुगतान किया जा चुका है।