स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में पटना की हवा ने दिल्ली-मुंबई और चेन्नई को पछाड़ा, हासिल की 16वीं रैंक
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 की रिपोर्ट में पटना की हवा दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों से साफ पाई गई है। 10 ...और पढ़ें

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में पटना की हवा ने दिल्ली-मुंबई और चेन्नई को पछाड़ा, हासिल की 16वीं रैंक
HighLights
पटना की हवा दिल्ली, मुंबई से अधिक साफ।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में पटना को 16वां स्थान।
बिहार में पटना का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा।
राज्य ब्यूरो, पटना। देश के महानगरों की तुलना में राजधानी पटना की हवा अधिक साफ है। केंद्र सरकार की ओर से जारी स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 की रिपोर्ट में 10 लाख से अधिक आबादी वाले 48 शहरों में पटना ने 16वां स्थान हासिल किया है। उसे 178 अंक मिले हैं।
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, बंगलुरू, रांची, जयपुर, अम़ृतसर, श्रीनगर, वाराणसी जैसे शहर स्वच्छ हवा के मामले में पटना से पीछे हैं। इस रैंकिंग में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहले, इंदौर दूसरे और जबलपुर तीसरे स्थान पर है।
आबादी के हिसाब से पटना बिहार में सबसे बेहतर
सर्वेक्षण के आंकड़ों को आबादी के आधार पर देखें तो बिहार में पटना का प्रदर्शन सबसे बेहतर है। दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में 178 अंक के साथ 16वीं रैंक हासिल करना राजधानी को राज्य का सबसे आगे रहने वाला शहर बनाता है।
इसके बाद तीन से दस लाख आबादी वाली श्रेणी में मुजफ्फरपुर और फिर गया का स्थान है। दोनों के बीच भी 22 अंकों का अंतर है। इससे साफ है कि बिहार के शहरों में वायु गुणवत्ता सुधार के प्रयासों का प्रदर्शन एक समान नहीं है।
मुजफ्फरपुर को 163.1 अंक के साथ 28वां और गया को 140.9 अंक के साथ 35वां स्थान मिला है। इस श्रेणी में राउरकेला 198.5 अंक के साथ पहले स्थान पर रहा।
वार्ड स्तर पर पटना आगे
वार्ड स्तर पर भी पटना की मौजूदगी मजबूत रही। 30 हजार से अधिक आबादी वाले वार्डों की श्रेणी में पटना नगर निगम का वार्ड-43, 10 हजार से 30 हजार आबादी वाली श्रेणी में पटना का वार्ड-नौ और दस हजार से कम आबादी वाली श्रेणी में गया का वार्ड-32 चुना गया है।
इसका मतलब है कि वार्ड स्तर पर पटना के दो वार्ड और गया का एक वार्ड राज्य के बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्डों में शामिल हुए हैं।
30 हजार से अधिक आबादी वाले वार्डों में लखनऊ, भोपाल और नासिक के वार्ड क्रमश: पहले तीन स्थान पर रहे। 10 हजार से 30 हजार आबादी वाले वार्डों में भुवनेश्वर के दो वार्ड संयुक्त रूप से पहले रहे, जबकि कम आबादी वाले वार्डों में राउरकेला पहले स्थान पर रहा।
आबादी के हिसाब से बिहार के शहर
| शहर | आबादी श्रेणी | अंक | राष्ट्रीय रैंक |
|---|---|---|---|
| पटना | 10 लाख से अधिक | 178 | 16 |
| मुजफ्फरपुर | 3 से 10 लाख | 163.1 | 28 |
| गया | 3 से 10 लाख | 140.9 | 35 |
