पटना के मनेर में STF और अपराधियों के बीच मुठभेड़, तीन बदमाश ढेर; थानाध्यक्ष भी जख्मी
पटना के मनेर में एसटीएफ और पुलिस की मुठभेड़ में तीन अपराधी मारे गए, जबकि मनेर थानाध्यक्ष रजनीश कुमार घायल ...और पढ़ें

घटनास्थल पर पहुंचे एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा। जागरण
HighLights
मनेर में पुलिस मुठभेड़ में तीन अपराधी मारे गए।
मनेर थानाध्यक्ष रजनीश कुमार गोली लगने से घायल हुए।
मारे गए अपराधी हत्या सहित कई मामलों में वांछित थे।
संवाद सूत्र, मनेर (पटना)। मनेर थाना क्षेत्र के शेरपुर गंगा नदी इलाके में शुक्रवार अहले सुबह करीब तीन बजे पटना एसटीएफ और पुलिस की टीम का अपराधियों से सामना हो गया।
इस मुठभेड़ में तीन अपराधी ढेर हो गए, जबकि मनेर थानाध्यक्ष रजनीश कुमार भी जख्मी हो गए। मारे गए तीनों बदमाशों का आपराधिक इतिहास रहा है।
उनकी पहचान जेपी यादव, सूरज कुमार उर्फ राजा शर्मा और बबलू कुमार के रूप में हुई है। हत्या सहित अन्य मामलों में ये वांछित थे।

(घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाती एफएसएल की टीम।)
STF और जिला बल की टीम चला रही थी अभियान
घटना की सूचना पर एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा भी पहुंचे। उन्होंने बताया कि एसटीएफ और जिला बल की टीम विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चला रही थी।
इसी क्रम में पुलिस को सूचना मिली कि तीन अपराधी आए हुए हैं और वे शेरपुर में किसी बड़ी घटना की साजिश रच रहे हैं। इसके बाद पुलिस पहुंची तो अपराधियों ने फायरिंग कर दी। इसमें एसएचओ की बांह को छूती गोली निकल गई।
पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। जब गोलीबारी थमी तो पुलिस रेंगते हुए वहां पहुंची तो देखा कि तीन लोग घायल पड़े हैं। तीनों को अस्पताल ले जाया गया, वहां तीनों की मौत की पुष्टि की गई।
अपराधियों के पास से हथियार बरामद हुए हैं। हाल के दिनों मनेर में हत्या मामले में भी इनकी सहभागिता थी। कई थाने में ये वांटेड थे।

(मुठभेड़ में मारा गया जेपी यादव और बबलू यादव।)
अपराधियों ने 24 राउंड की फायरिंग
पुलिस ने 18 राउंड जबकि अपराधियों ने 24 राउंड फायरिंग की। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से दो पिस्तौल, एक देसी कट्टा और कई खोखे बरामद किए हैं।
तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। दानापुर-2 एसडीपीओ एके झा ने बताया कि तीनों अपराधी मनेर के व्यापुर पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ भोलू हत्याकांड में शामिल थे।
बबलू कुमार और सूरज कुमार ने शूटर की भूमिका निभाई थी, जबकि जेपी यादव हत्या का मुख्य साजिशकर्ता था। तीनों कई थानों में वांछित थे।

(अपराधियों की गोली से जख्मी मनेर थानेदार।)