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पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय ने इंटर्नशिप के पुराने समझौते किए रद, कॉलेजों की बढ़ी जिम्मेदारी

Published: Tue, 06 Oct 2026 12:00 PM (IST)

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय ने सत्र 2024-2028 के पांचवें सेमेस्टर के छात्रों की इंटर्नशिप के लिए 2025 के सभी पुराने समझौते रद्द कर दिए हैं।

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय। फाइल फोटो

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय। फाइल फोटो

HighLights

  1. पीपीयू ने 2025 के सभी पुराने इंटर्नशिप समझौते रद्द किए।

  2. कॉलेजों को 2026-27 के लिए नए सिरे से समझौता करना होगा।

  3. छात्रों से इंटर्नशिप के नाम पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

जागरण संवाददाता, पटना। पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (पीपीयू) ने सत्र 2024-2028 (पांचवें सेमेस्टर) के छात्रों की इंटर्नशिप को लेकर वर्ष 2025 में किए गए सभी पुराने समझौते यानी एमओयू रद कर दिए हैं।

अब इंटर्नशिप कार्यक्रम 2026-27 के लिए सभी कॉलेजों को नए सिरे से समझौता करना अनिवार्य होगा। पीपीयू के डीन छात्र कल्याण ने इस संबंध में सूचना जारी की है।

विश्वविद्यालय ने कहा है कि सबसे पहले, छात्रों को केवल उन्हीं संस्थाओं में इंटर्नशिप करानी है, जो विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर सूचीबद्ध हैं। यानी इन सूचीबद्ध संस्थाओं के साथ विश्वविद्यालय का कोई भी सीधा समझौता नहीं है।

संबंधित कॉलेजों के प्राचार्य और एनईपी कोआर्डिनेटर मिलकर उस संस्था के साथ नया समझौता करेंगे। समझौता करने के बाद कॉलेजों को इसकी सूचना विश्वविद्यालय को ई-मेल के जरिए देनी होगी।

विश्वविद्यालय नहीं बल्कि कॉलेजों को अपने स्तर से पांचवें सेमेस्टर के छात्रों को इंटर्नशिप कराने के लिए समन्वय करने को कहा गया है। नोटिस में यह भी साफ किया गया है कि नियमित कक्षाओं में किसी भी तरह की बाधा न पहुंचे, इसलिए इंटर्नशिप को आगामी छुट्टियों के दौरान ही आयोजित किया जाए।

विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी कॉलेजों को पहले जारी किए गए दिशानिर्देशों का पालन करते हुए इंटर्नशिप की पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना सुनिश्चित करना होगा।

इंटर्नशिप के नाम पर वसूली नहीं की जाएगी

छात्रों के लिए राहत की बात यह है कि लोकभवन बिहार के दिशा-निर्देशों के अनुसार इंटर्नशिप कराने वाली कोई भी संस्था किसी भी छात्र से किसी भी तरह का शुल्क नहीं ले सकती।

इंटर्नशिप के नाम पर वसूली नहीं की जाएगी। विश्वविद्यालय ने सभी कॉलेजों के प्राचार्यों और एनईपी कोआर्डिनेटर्स से साफ कहा है कि वे इन सभी निर्देशों का सख्ती से पालन करें। मालूम हो कि पांचवें सेमेस्टर में 60 घंटे की क्रेडिट अनिवार्य है। इसपर छात्रों को चार क्रेडिट मिलेंगे।

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