पटना, जागरण संवाददाता । इस खतरनाक पुलिया की अनाेखी कहानी है। शहर के बीच में व्‍यस्‍त सड़क के बीच यह पुलिया है। कई लोगों की मौत इससे गिरकर हो चुकी है। मगर जन प्रतिनिधियों और जिला प्रशासन ने इसे सुरक्षित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। बहरहाल, मंदिरी नाले की यह खतरनाक पुलिया अब सुरक्षित हो गई है। स्थानीय निवासियों ने चंदा जुटाकर इसकी रेलिंग का निर्माण करा दिया है। पुलिया के पास एक होर्डिंग लगाकर विधायक व सांसद का गुजरना प्रतिबंधित कर दिया है। बोर्ड पर शोक संदेश के साथ यह लिखा है कि 'बड़े ही दुख के साथ निवेदन करना पड़ रहा कि यहां के स्थानीय विधायक व सांसद का इस पुल से गुजरना मना है। 

लोगों की मौत के बाद भी बने रहे असंवेदनशील

बताते चलें कि बीती 31 दिसंबर की रात नाले में एक कार के गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके पहले भी यहां एक बच्‍चे की इस नाले में गिरकर मौत हुई थी। इस घटना के बाद भी जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों का ध्यान खतरनाक पुलिया की तरफ नहीं गया। यहां लोगों की सुरक्षा के प्रति जन प्रतिनिधि और प्रशासन असंवेदनशील ही रहे। इससे आक्रोशित होकर वार्ड-26 व 27 के स्थानीय लोगों ने चंदा जुटाकर पुलिस की रेलिंग का निर्माण आपसी सहयोग से कराया है।

शहर के बीच उपेक्षित है यह पुलिया

स्थानीय निवासी नवल कुमार ने बताया, शहर के बीच में ही यह नाला है। बावजूद इसके सरकार का ध्यान नहीं जा रहा है। स्थानीय प्रतिनिधियों से भी उपेक्षा मिली। इस कारण स्थानीय निवासियों ने यह निर्णय लिया है कि उक्त पुलिया से सांसद व विधायक को नहीं गुजरने दिया जाएगा। लोगों का कहना है कि स्मार्ट सिटी परियोजना में इस नाले को पाटकर स्मार्ट सड़क बनाई जानी है। फिर भी निर्माण नहीं कराया जा रहा है। इससे आक्रोशित वार्ड 26 व 27 की जनता ने संयुक्त रूप से आंदोलन की चेतावनी दी है।

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