पटना, जेएनएन। बिहार में कोरोना संक्रमण को लेकर काफी सतर्कता बरती जा रही है। कदम-कदम पर चौकसी हो रही है। सरकार से लेकर स्‍वयंसेवी संगठन तक इसे लेकर अभियान चलाए हुए हैं। इसके बाद भी घोर लापरवाही बरती जा रही है। जिसे-जैसे मौका मिल रहा है, वह बिहार पहुंच जा रहा है। ऐसे में चौकसी धरी की धरी रह जा रही है। पिछले 21 दिनों में देश-विदेश से सवा लाख से अधिक लोग बिहार पहुंच गए हैं। इतना ही नहीं, चौकसी व सतर्कता के बाद भी हजारों प्रवासी बिना जांच कराए ही यहां आ गए हैं।  

आपदा प्रबंधन विभाग ने तैयार किया है डाटा बेस

देश के विभिन्‍न हिस्सों और विदेश से पिछले 21 दिनों में सवा लाख से अधिक लोग बिहार पहुंचे हैं। 10 मार्च के बाद विदेश व देश के अन्य राज्यों की यात्रा कर बिहार लौटे लोगों का डाटाबेस आपदा प्रबंधन विभाग ने तैयार किया है। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत के अनुसार, ऐसे लोगों की ट्रैकिंग प्रारंभ कर दी गयी है। वहीं रविवार की तरह सोमवार को भी नोएडा व गाजियाबाद से बसों में सवार होकर प्रवासियों का आना जारी रहा। दूसरे दिन सोमवार को 13 हजार से अधिक प्रवासी बिहारियों को सरकार की देखरेख में उनके घर पहुंचाया गया। रविवार को यह संख्या 25 हजार थी।

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ने बताया कि सीमावर्ती जिलों में जो आपदा राहत केंद्र बनाए गए हैं, वहां बिहार लौटे प्रवासी बिहारियों के लिए भोजन व स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था जारी है। जो लोग जहां भेजे जा रहे हैं, उनकी सूची उनके जिले के डीएम, उनकी पंचायत के मुखिया व सरपंच सहित अन्य सरकारी कर्मियों को भेजी गयी है। वहीं लॉकडाउन के आदेश के उल्लंघन के मामले में 76 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गयी और 1761 वाहनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम की धारा 179 के तहत कार्रवाई की गयी।  

आपाधापी में जांच कराए बिना बिहार में घुसे हजारों अप्रवासी 

दिल्ली और दूसरे राज्यों से घर लौटने वालों की आपाधापी सोमवार को भी देखी गई। बक्सर, सिवान, छपरा, गोपालगंज, गया के साथ ही पूर्व और उत्तर बिहार के कई जिलों पर बनाई गई चेकपोस्ट से हजारों लोगों ने प्रवेश किया। हालांकि, गोपालगंज को छोड़कर कहीं से भारी भीड़ के आने की सूचना नहीं है। बताया जाता है कि गोपालगंज में सोमवार को करीब 15 हजार से अधिक अप्रवासी पहुंचे। भीड़ के कारण इंफ्रारेड थर्मामीटर से जांच नहीं हो पा रही, क्योंकि मात्र 20 इंफ्रारेड थर्मामीटर ही उपलब्ध थे। शाम तक मात्र साढ़े चार हजार लोगों की ही जांच हो पाई। शेष लोग ऐसे ही घुस गए। उधर, बक्सर सीमा से पहुंचे 1300 लोगों की जांच की गई। होम क्वारंटाइन की सलाह देकर उन्हें बसों से भेजा गया। सिवान जिले की सीमा से अब तक तीन हजार से ज्यादा लोग आए हैं।

छपरा में सोमवार को पहुंचे 700 लोगों को उनके घरों तक बसों से भेजा गया। उधर मधेपुरा जिले में 100 लोग पहुंचे हैं। सुपौल में 354 लोग आए। सहरसा जिले में सोमवार को 474 लोगों की जांच की गई। कटिहार जिले में 250 लोग पहुंचे जबकि जमुई के रास्ते लगभग 1200 लोग आ चुके हैं। इधर, उत्तर बिहार में सोमवार को ट्रकों, बसों और अन्य साधनों से 3600 लोग पहुंचे। जांच कर उन्हें विभिन्न कैंपों में रखा गया। कुछ को होम क्वारंटाइन किया गया। 

Posted By: Rajesh Thakur

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