पटना [जेएनएन]। बिहार में अब बाढ़ को लेकर सियासत तेज है। विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को बाढ़ के कहर में सरकार की लापरवाही का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने हंगामा किया। राष्‍ट्रीय जनता दल (आरजेडी), भाकपा माले व कांग्रेस के विधायकों व विधान पार्षदों ने सदन के बाहर भी विरोध-प्रदर्शन किया। उन्‍होंने कहा कि बाढ़ को लेकर पहले से कोई तैयारी नहीं किए जाने के कारण जनता त्रासदी झलने को मजबूर है।

विधानसभा अध्यक्ष ने माना, स्थिति गंभीर

बिहार विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष ने माना कि बाढ़ की स्थिति गंभीर है। उन्‍होंने यह भी कहा कि सदस्य इस मामले की उचित समय में उठाएं। कांग्रेस के सदस्य सदानंद सिंह ने मांग की कि बाढ़ के मुद्दे पर विशेष बहस हो। सदानंद सिंह की मांग पर विस अध्यक्ष ने सहमति जताई।

बाढ़ राहत के नाम पर लूट की तैयारी

अारजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि सरकार को कार्यस्थगन प्रस्ताव का समर्थन कर इस मुद्दे पर सदन में चर्चा करनी चाहिए। उन्‍होंने अारोप लगाया कि बाढ़ राहत के नाम पर सरकार फिर लूट की तैयारी में है। बिहार में हर साल बांध बनाने के नाम पर बड़ा घोटाला होता है। बांध बनते और टूट जाते हैं। जमीनी बात करें तो कोई राहत कार्य नहीं हो रहा है।

पीड़ितों को युद्ध स्तर पर राहत देने की मांग

बाढ़ को लेकर भाकपा माले विधायकों ने भी विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। माले विधायकों ने बाढ़ पीड़ितों को युद्ध स्तर पर राहत देने की मांग की। विधायकों ने गया में इंसेफेलाइटिस (एईएस) या चमकी बुखार से हुई बच्चों की मौत पर भी नीतीश सरकार को घेरा।

विधान परिषद में हमलावर हुई कांग्रेस

बिहार विधान परिषद में आरजेडी ने कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया। आरजेडी ने बाढ़ पर चर्चा की मांग की। उन्‍होंने बाढ़ में करोड़ों की बर्बादी का आरोप लगाया। बिहार विधान परिषद में कांग्रेस ने भी हंगामा किया। विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस के नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा व प्रेमचन्द्र मिश्रा के नेतृत्‍व में प्रदर्शन किया।

Posted By: Amit Alok

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