पटना [एसए शाद]। लोकसभा (Lok Sabha) और राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों में प्रतिनिधित्व से वंचित हो चुकी रालोसपा (RLSP) ने अपना अस्तित्व बचाने के लिए दोहरी रणनीति पर काम करना आरंभ किया है। संगठन विस्तार के अलावा ज्वलंत मुद्दों को लेकर आंदोलन पर एक साथ ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। सहयोगी दल राजद के अंदर सबकुछ ठीक नहीं देख पार्टी जमीनी स्तर पर खुद को मजबूत बनाने के लिए इस रणनीति पर अमल में जुट गई है। इधर, रविवार को पार्टी ने अगले विधानसभा चुनाव के लिए विमर्श का सिलसिला आरंभ कर दिया। 

 

अलग पहचान बनाने के लिए संगठन पर फोकस

सूत्रों ने बताया कि पार्टी के अंदर इस बात को लेकर बहुत चिंता है कि प्रदेश का सबसे बड़ा दल होने के बावजूद राजद धारदार विपक्ष की भूमिका नहीं निभा पा रहा। वहीं, कांग्रेस अपनी नीति स्पष्ट नहीं कर पा रही है। ऐसे में रालोसपा को अपनी अलग पहचान बनाने के लिए संगठन को मजबूत करना आवश्यक है।

खुलकर बोले कुशवाहा 

रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि भले ही सदन में हम अपनी आवाज नहीं उठा पाएंगे, लेकिन विपक्ष की जिम्मेदारी निभाते हुए हम जनता की विभिन्न समस्याओं को लेकर सड़कों पर आंदोलन करेंगे। अभी पिछले दिनों ही मैंने एईएस से हो रही बच्चों की मौत पर सरकार द्वारा बरती जा रही उदासीनता के खिलाफ मुजफ्फरपुर से पटना तक पैदल मार्च किया था। 

शुरू किया है सदस्‍यता अभियान 

आंदोलन के साथ-साथ उन्होंने संगठन मजबूत करने के लिए सदस्यता अभियान आरंभ किया है। अगले माह से वह जिलों का दौरा भी करेंगे। मगर अहम बात यह है कि रविवार से उन्होंने अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए विमर्श भी आरंभ कर दिया है।

दो चरणों में चलेगा विमर्श का सिलसिला

दो चरणों में हर जिला के महत्वपूर्ण पार्टी नेताओं से विमर्श का कार्यक्रम है। पहला चरण 14, 15 एवं 16 जुलाई और दूसरा चरण 19, 20 एवं 21 जुलाई को आयोजित होगा। उन्होंने साफ कहा कि हम जिला स्तर पर पार्टी नेताओं को सदस्य बनाने से लेकर संगठन सुदृढ़ करने के अहम टास्क भी दे रहे हैं। जिन जिलों में यह लक्ष्य पूरा होगा, वहां की विधानसभा सीटों पर अगले चुनाव मे हम अपने प्रत्याशी उतारेंगे।

Posted By: Rajesh Thakur