पटना। लॉकडाउन के बाद का लोगों पर लाठियां भांजने का वीडियो वायरल कर पुलिस का क्रूर चेहरा दिखाया जा रहा है, लेकिन अब राजधानी की सड़कों पर पटना पुलिस का मानवीय चेहरा भी दिख रहा है। पुलिस अपने इलाकों में राहत शिविर लगाकर भूखे का पेट भर रही है। पुलिसकर्मी अपने पैसे, स्वयंसेवी संगठन व समाजसेवियों से खाना-पानी की व्यवस्था कर लोगों तक राहत पहुंचा रहे हैं। हालांकि, किसी को भी शिविर लगाकर सामान बांटने की अनुमति नहीं दी जा रही है। वे स्थानीय थाने या एसएसपी कार्यालय में सामान दे रहे हैं, जिन्हें पुलिस जरूरतमंदों तक पहुंचा रही है।

रोज कमाने वालों का रखा जा रहा ध्यान: जक्कनपुर पुलिस ने थाने के सामने पुल के नीचे फिजिकल डिस्टेंसिंग पर कंकड़बाग, कदमकुआं, फतुहा समेत अन्य थानों की पुलिस ने घूम-घूमकर खाना खिला रही है। दीघा थाने की पुलिस ने फूड पैकेट का वितरण कराया, जिसमें आठ पूड़ी-सब्जी और अचार के पैकेट थे। लाभार्थियों में दिहाड़ी मजदूर, भीख मांगने वाले, रिक्शा-ठेला चालक, ओडिशा, मालदा, झारखंड और पूर्णिया के भी 85 मजदूर शामिल थे। चंदा कर सिपाही बंटवा रहे खाद्य सामग्री: कोतवाली पुलिस के जवानों ने 'गो कोरोना गो' नाम से वाट्सएप ग्रुप बनाया है। ग्रुप में ही स्वेच्छा से पुलिसकर्मी अपना बजट शेयर करते हैं। इन्हीं पैसों से सुबह-शाम गरीबों को खाना-पानी उपलब्ध करा रहे हैं। शाम में इसका हिसाब भी ग्रुप में शेयर किया जाता है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। दो दिन से बीमार युवक, पुलिस ले गई अस्पताल : कंकड़बाग की पुलिस शुक्रवार की रात करीब तीन बजे गश्ती के दौरान कॉलोनी मोड़ पर एक कोने में खड़े सनोज कुमार और विवेक साव को अस्पताल में ले गई। दोनों पिछले तीन दिनों से भूखे थे। पुणे से स्पेशल ट्रेन से पटना आए थे, उन्हें झारखंड जाना था। इधर, अशोक नगर रोड नंबर एक से पुलिस के पास फोन आया कि सरहसा निवासी अखिलेश पासवान अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहता है। पुलिस उसके कमरे में पहुंची और खाद्य सामग्री और पानी की बोतल उपलब्ध कराई।

Posted By: Jagran

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