मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

पटना [जेएनएन]। केंद्रीय मंत्री एवं लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान ने शुक्रवार को राज्यसभा के लिए हाेने वाले उपचुनाव के लिए नामांकन किया। बिहार से राज्यसभा की खाली हुई एकमात्र सीट के लिए पासवान राजग के प्रत्याशी के रूप में दाेपहर बाद नामांकन किया। नामांकन की अंतिम तिथि 25 जून है। यदि इनके अतिरिक्‍त किसी अन्‍य ने नामांकन नहीं किया तो रामविलास पासवान निर्विरोध राज्‍यसभा जा सकते हैं। फिर राज्‍यसभा में पासवान की यह दूसरी पारी होगी। 

लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान के नामांकन के समय सीएम नीतीश कुमार, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, लोजपा संसदीय दल के नेता चिराग पासवान समेत राजग के कई दिग्‍गज नेता शामिल रहे। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के पटना साहिब से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद बिहार में एक सीट खाली हुई है।

बता दें कि लोकसभा चुनाव के समय राजग में सीट बंटवारे के फार्मूले के तहत तय हुआ था कि लोजपा को छह संसदीय सीटों के अलावा एक राज्यसभा की भी सीट दी जाएगी। पहले पासवान को दूसरे किसी राज्य से राज्यसभा भेजने की तैयारी थी। लेकिन बिहार में ही खाली सीट मिल गई तो उन्‍हें इसी सीट से फॉर्मूला के तहत प्रत्‍याशी बनाया गया। 

दरअसल हाजीपुर से आठ बार लोकसभा चुनाव जीत चुके रामविलास पासवान अभी किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। मोदी सरकार में मंत्री बनने के बाद उन्हें छह महीने के भीतर किसी भी सदन का सदस्य बनना अनिवार्य है। रविशंकर प्रसाद का कार्यकाल दो अप्रैल 2024 तक था। उनकी जगह पर पासवान अगर चुने जाते हैं तो उनका कार्यकाल भी वही होगा। 

इधर राज्यसभा उपचुनाव की अधिसूचना 18 जून को जारी हुई थी। नामांकन करने की अंतिम तारीख 25 जून है। 26 जून को स्क्रूटनी होगी और नाम वापस लेने की तिथि 28 जून है। विपक्ष की ओर से अगर कोई प्रत्याशी नहीं उतारा गया तो 28 जून को ही पासवान को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा। 25 जून को नामांकन की आखिरी तारीख है। 28 जून तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। अगर रामविलास के अतिरिक्त किसी और ने अपना पर्चा दाखिल नहीं किया तो उसी दिन उनके निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा कर दी जाएगी।

शुक्रवार को तय कार्यक्रम के अनुसार रामविलास पासवान को दोपहर एक बजे अपना पर्चा दाखिल करना था। वह तय समय पर चिराग पासवान और अपने भाई, सांसद व लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस के साथ विधानसभा पहुंच गए थे। उनके विधानसभा पहुंचने के लगभग दस मिनट बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी पहुंच गए। मुख्यमंत्री के कक्ष में नामांकन के पूर्व एनडीए दिग्गजों ने सूक्ष्म जांच की तो कुछ त्रुटि सामने आई। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने त्रुटि को ठीक किया। इस काम में डेढ़ घंटे बीत गए। तीन बजे के करीब रामविलास पासवान ने नामांकन किया।

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Rajesh Thakur

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप