पटना [जेएनएन]। इन दिनों बैंकों और एटीएम में पैसे की कमी से ग्राहकों हर रोज दो चार होना पड़ रहा है। ग्राहक एक एटीएम से दूसरे एटीएम भाग रहे है लेकिन पैसे नहीं रहने से अच्छी खासी परेशानी हो रही है। राजधानी पटना समेत प्रदेश के कई जिलों में हालात अभी ठीक नहीं है। किसी एटीएम में पैसे नहीं है तो किसी बैंक में कैश नहीं रहने से बैंक मैनेजर इस्तीफा देकर बैंक में ताला ही लगा दे रहे है। स्थिति भायवह होती दिख रही है। बड़े नोटों की कमी के कारण एटीएम बेदम हो रही हैं। इस कारण पिछले कई दिनों से लोगों को कैश नहीं मिल पा रहा है।

दो हजार और पाच सौ रुपये के नोट डंप होने के कारण ऐसी स्थिति पैदा हुई है। कई बैंकों में तो यह स्थिति है कि जिन्हें एक लाख रुपये चाहिए, उन्हें दस-बीस हजार रुपये देकर चलता किया जा रहा है। इधर, बैंक प्रबंधकों का मानना है कि न तो आरबीआइ जरूरत के हिसाब से पैसे भेज रही है और न ही लोग बैंकों में पैसे ही जमा कर रहे हैं।

प्रदेश में नकदी की कमी पर प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में कई दिनों से अधिकाश एटीएम बिल्कुल खाली हैं। लोग पैसों के लिए तरस रहे हैं। साथ ही उन्होंने नोटबंदी को घोटाला बताते हुए कहा कि इसका असर इतना व्यापक है कि बैंको ने हाथ खड़े कर दिए हैं। बैंक से लोगों को जरूरत के हिसाब से भी पैसे नहीं मिल रहे हैं। तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर केंद्र सरकार से पूछा कि आखिर नए नोट सर्कुलेशन से गायब क्यों हो गया। तेजस्वी यादव ने इससे पहले भी नोटबंदी पर कई बार अपनी प्रतिक्रिया दे चुके है।

Posted By: Jagran