NMCH में MBBS की 200 सीटें बढीं, अब तक 10 एडमिशन; 100 छात्रों की क्षमता वाले हॉल में कैसे होगी पढ़ाई?
एनएमसीएच में एमबीबीएस की सीटें 150 से बढ़कर 200 हो गई हैं, लेकिन 100 छात्रों की क्षमता वाले लेक्चर हॉल ...और पढ़ें

नालंदा मेडिकल कॉलेज में छोटे लेक्चर हॉल से होगी परेशानी। फाइल
HighLights
एनएमसीएच में एमबीबीएस की सीटें 150 से बढ़कर 200 हो गईं।
100 छात्रों की क्षमता वाले लेक्चर हॉल में 200 को बैठाना चुनौती।
प्रयोगशालाओं और अतिरिक्त लेक्चर हॉल के लिए जगह की कमी।
जागरण संवाददाता, पटना सिटी। नालंदा मेडिकल कालेज अस्पताल (NMCH) में एमीबीबीएस की सीटें 150 से बढ़ कर दो सौ हो गई हैं। इन बढ़ी हुई सीटों के लिए पहली बार नामांकन जारी है।
अब तक दस विद्यार्थियों ने नामांकन ले लिया है। अक्टूबर में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए पठन-पाठन शुरू हो जाएगा।
चिंता इस बात की है कि एक सौ विद्यार्थियों की क्षमता वाले लेक्चर हाल में दो सौ विद्यार्थियों की पढ़ाई आखिर कैसे होगी।
कालेज में लेक्चर हाॅल केवल चार ही है।
एक सौ विद्यार्थियों वाले लेक्चर हाॅल में दो सौ को बैठाने की तैयारी
चार और लेक्चर हाॅल निर्माण कराने की मांग अस्पताल प्रशासन द्वारा लगातार की जा रही है। यहां के पैथोलाॅजी विभाग, माइक्रोबायोलाजी, बायोकेमिस्ट्री, फार्माकालोजी एवं फिजियोलाॅजी विभाग के लैब में भी जगह का अभाव है।
नए सत्र के लिए नामांकन लेने वाले छात्र-छात्राओं को कई तरह की मुश्किलों का सामना करते हुए अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करनी होगी।
शिक्षकों ने बताया कि प्राचार्य कार्यालय के समीप जर्जर छात्रावास को ध्वस्त किए जाने के बाद खाली हुई जगह पर लेक्चर हाॅल और प्रयोगशाला के लिए चार मंजिला भवन बनाया जा सकता है।
यह प्रस्ताव विभाग और बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर काॅरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) को पूर्व में प्राचार्य द्वारा भेजा गया लेकिन इस दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रयोगशाला में भी जगह की कमी, चार और क्लास रूम जरूरी
शिक्षकों ने बताया कि एक लेक्चर हाॅल में 34 बेंच लगे हैं। एक बेंच पर पांच विद्यार्थियों को अभी बैठाया जा रहा है। बढ़ी सीटों पर नामांकन करा कर आने वाले विद्यार्थियों को लेक्चर हाॅल में बैठाना मुश्किल हो जाएगा।
एमबीबीएस की पढ़ाई दो शिफ्टों में कराने की नौबत आ गयी है। विद्यार्थियों ने बताया कि कालेज का सभागार प्राचार्य प्रो. डाॅ. उषा कुमारी के प्रयास से अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हो गया है।
बैठने की क्षमता भी बढ़ी है। ई-लाइब्रेरी विकसित हुई है। इसी तरह से लेक्चर हाल और लैब का विकास और विस्तार किया जाना आवश्यक है।
एमबीबीएस की सीटें बढ़ कर दो सौ हो गई लेकिन लेक्चर हाल पहले की तरह ही चार है। चार अतिरिक्त हाल निर्माण के लिए विभाग को लिखा गया है। उसी हाल में अतिरिक्त कुर्सियों लगा कर पठन-पाठन शुरू कराया जाएगा।
प्रो. उषा कुमारी, प्राचार्य, एनएमसीएचयह भी पढ़ें- MBBS की 200 सीटें, एडमिशन मात्र 7; NMCH में सुधार के बाद भी छात्रों का रुझान कम
