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MBBS की 200 सीटें, एडमिशन मात्र 7; NMCH में सुधार के बाद भी छात्रों का रुझान कम  

Published: Tue, 08 Sep 2026 02:19 PM (IST)

एनएमसीएच में एमबीबीएस की 200 सीटों के लिए पहले चरण की काउंसलिंग में केवल सात छात्रों का नामांकन हुआ, जबकि ...और पढ़ें

NMCH। फाइल फोटो

NMCH। फाइल फोटो

HighLights

  1. एनएमसीएच में 200 एमबीबीएस सीटों पर सिर्फ 7 नामांकन।

  2. तिब्बी कॉलेज में औचक निरीक्षण में मिलीं कई अनियमितताएं।

  3. अस्पताल व कॉलेज प्रबंधन को सुधार के निर्देश जारी।

जागरण संवाददाता, पटना सिटी। नालंदा मेडिकल कालेज अस्पताल में वर्ष 2026-27 से एमबीबीएस की बढ़ कर हुई दो सौ सीटों के लिए पहली बार नामांकन होगा। 28 अगस्त से लेकर एक सितंबर तक हुई प्रथम चरण की काउंसिलिंग के बाद केवल सात विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है।

एक दिव्यांग विद्यार्थी के दस्तावेज की जांच के दौरान दिव्यांगता प्रमाण पत्र गलत पाए जाने पर नामांकन नहीं लिया गया। यह जानकारी प्राचार्य प्रो. डॉ. उषा कुमारी ने दी।

प्राचार्य ने बताया कि नामांकन के लिए दूसरे और आगे के चरणों की काउंसिलिंग के लिए तारीख की घोषणा होने का इंतजार है। कालेज में एमबीबीएस के लिए पहले से 150 सीटें थी।

इस वर्ष पचास सीटों की बढ़ोतरी के साथ पहली बार कुल दो सौ सीटों के लिए नामांकन लिया जाएगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ कॉलेज की व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं।

नामांकन लेने वाले छात्र-छात्राओं को पहले की अपेक्षा अधिक सुविधाएं मिलेगी। नीट परीक्षा के परिणाम आने और नामांकन में हुई देरी को लेकर इस बार शैक्षणिक सत्र अक्टूबर से आरंभ होने की संभावना है। पहले यह सत्र जुलाई से आरंभ हो जाता था।

तिब्बी कालेज के निरीक्षण में बगैर इंट्री भर्ती मिले कई मरीज

राजकीय तिब्बी कालेज एवं अस्पताल में महीनों से भर्ती मरीजों को लेकर सवाल उठे हैं। राज्य आयुष समिति के कार्यपालक निदेशक सह स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव वैभव चौधरी के औचक निरीक्षण में कई मरीज लंबे समय से भर्ती पाये गए। रजिस्टर की जांच में कुछ मरीजों की इंट्री नहीं मिली, जबकि भर्ती पाए गए।

औचक निरीक्षण में अस्पताल के साथ कालेज की व्यवस्थाओं में भी कई कमियां सामने आईं। नियमित कक्षाएं संचालित नहीं होने की बात भी निरीक्षण में सामने आई। कई वार्डों में पुरुष और महिला मरीजों को एक साथ रखा गया था। कुछ चिकित्सक ड्यूटी से अनुपस्थित मिले।

13 जुलाई के निरीक्षण में भी मिली थीं कमियां

बताया जाता है कि अपर सचिव वैभव चौधरी ने 13 जुलाई को भी तिब्बी कालेज एवं अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। उस निरीक्षण में भी अस्पताल और कालेज की व्यवस्था से जुड़ी कई कमियां सामने आई थीं।

इसके बाद व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए गए थे। अब दोबारा हुए निरीक्षण में भी कई स्तर पर खामियां मिलने से अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।

निरीक्षण रिपोर्ट में व्यवस्था में सुधार के लिए कॉलेज के प्राचार्य और अस्पताल के अधीक्षक को आपसी समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। मरीजों की भर्ती व्यवस्था, वार्ड प्रबंधन, चिकित्सकों की उपस्थिति और शैक्षणिक गतिविधियों को व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया है।

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